
शिक्षक पीताम्बर दास मानिकपुरी (Photo Patrika)
Chhattisgarh news: आमतौर पर तिरंगा राष्ट्रीय पर्व या खास मौकों पर ही घरों की छत पर नजर आता है, लेकिन मुंगेली के एक शिक्षक ने राष्ट्रध्वज के सम्मान को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लिया है। पीताम्बर दास मानिकपुरी पिछले करीब दो वर्षों से हर दिन सुबह 8 बजे अपने घर की छत पर तिरंगा फहराते हैं और सूर्यास्त से पहले पूरे सम्मान के साथ ध्वज का अवतरण करते हैं। उनका यह अनुशासन और राष्ट्रप्रेम अब तिरंगा अभियान के बीच लोगों के लिए प्रेरणा की मिसाल बन गया है।
शिक्षक पीताम्बर दास मानिकपुरी का तिरंगे और राष्ट्रसेवा के प्रति यह लगाव अचानक शुरू नहीं हुआ है। वे बचपन से ही स्काउट-गाइड गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। स्काउटिंग के माध्यम से उनमें अनुशासन, सेवा, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई। यही कारण है कि आज भी वे राष्ट्रध्वज को केवल एक प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि देश के गौरव और सम्मान का प्रतीक मानते हुए पूरी निष्ठा के साथ उसके सम्मान का पालन करते हैं। पीताम्बर दास स्काउट के राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर भी हैं। स्काउटिंग के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि उनके लंबे समय से चले आ रहे स्काउटिंग अनुभव और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
शिक्षक की इस दैनिक परंपरा में कई बार उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होते हैं। सुबह जब घर की छत पर तिरंगा फहराया जाता है, तो परिवार के सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहते हैं। इस तरह राष्ट्रध्वज के सम्मान की यह भावना केवल उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों तक भी पहुंच रही है।
आम तौर पर राष्ट्रीय पर्वों और विशेष अवसरों पर घरों में तिरंगा फहराया जाता है, लेकिन शिक्षक एल.बी. ने इसे केवल किसी खास दिन तक सीमित नहीं रखा। वे लगातार करीब दो वर्षों से प्रतिदिन तिरंगा फहराने की परंपरा निभा रहे हैं। मौसम कोई भी हो और दिन सामान्य हो या विशेष, उनकी दिनचर्या में राष्ट्रध्वज को सम्मान देना शामिल है।
वर्तमान में चल रहे तिरंगा अभियान के बीच शिक्षक एल.बी. की यह पहल लोगों को विशेष रूप से प्रेरित कर रही है। जहां तिरंगा अभियान लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने का माध्यम बन रहा है, वहीं शिक्षक द्वारा पिछले दो वर्षों से लगातार किया जा रहा दैनिक ध्वजारोहण यह संदेश देता है कि राष्ट्रप्रेम किसी अभियान या आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा भी हो सकता है।
Updated on:
14 Aug 2026 05:00 pm
Published on:
14 Aug 2026 04:58 pm
