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राजस्व रिकार्ड भुंईयां में 3000 से अधिक जमीन मालिकों के नाम गायब, इसकी जगह ए, बी सी, डी से लेकर जेड तक नाम हो गए दर्ज

बिलासपुर. बिलासपुर तहसील कार्यालय अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 40 के जमीन मालिकों के नाम सरकारी राजस्व रिकार्ड भुईयां से गायब हो गए है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के नाम गायब होने के साथ ही इनके नाम की जगह ए, बी, सी, डी से लेकर जेड तक के अक्षर लिखे हैं। इससे पहले भी बिलासपुर तहसील के भुईयां रिकार्ड से जमीन मालिको के नाम गायब हो चुके है। इतनी बड़ी गफलत होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की इसकी भनक तक नहीं लगी है। अधिकारी इसमें सुधार करने संचालक भू अभिलेख को सूचना देने का हवाला दे रहे हैं।

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राजस्व रिकार्ड भुंईयां में 3000 से अधिक जमीन मालिकों के नाम गायब, इसकी जगह ए, बी सी, डी से लेकर जेड तक नाम हो गए दर्ज

राजस्व रिकार्ड भुंईयां में 3000 से अधिक जमीन मालिकों के नाम गायब, इसकी जगह ए, बी सी, डी से लेकर जेड तक नाम हो गए दर्ज


नगर निगम में शामिल होने के बाद भी तिफरा क्षेत्र आज भी ग्राम पंचायत के नाम पर दर्ज है। करीब 20 वर्ष पूर्व तिफरा ग्राम पंचायत था। इसके बाद राज्य शासन ने इसे नगरपालिका परिषद बना दिया था। करीब 10 वर्ष के बाद इसे वर्ष 2018 में नगर निगम में शामिल किया गया। लगातार शहर से जुड़ने के बाद यहां की जमीन की कीमतें 1000 गुना अधिक बढ़ गई हैं। जमीन कीमती होने के साथ ही अब भूमाफियाओं की नजर यहां की जमीनों पर पड़ गई हैं। तिफरा क्षेत्र के पटवारी हल्का नंबर 40 के करीब 3000 हजार से अधिक लोगों की जमीन राजस्व रिकार्ड में हैं ,लेकिन उनकी जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर नहीं बल्कि अंग्रेजी के अक्षरों के नाम पर दर्ज हो गई हैं, यानि जमीन मालिक ए, बी, सी, डी से लेकर जेड अक्षर वाले व्यक्ति हो गए हैं।

पटवारी करते हैं रिकार्ड अपडेट
भुइयां साफ्टवेयर में रिकार्ड दुरूस्त करने का काम क्षेत्र की पटवारी करते हैं। इसमें राजस्व न्यायालय से जारी होने वाले आदेश के बाद पटवारी इसे दुरूस्त करते हैं। यानि रिकार्ड अपडेट का पूरा काम पटवारियों के हाथों ही होता है। इसमें रिकार्ड अपडेट करने वाले पटवारी का नाम बी-1 , बी-2 , पी-2 समेत अन्य दस्तावेजों में अंकित हो जाता है। साथ ही अपडेट करने का दिनांक भी दर्ज हो जाता है। रिकार्ड ऑनलाइन निकालने पर यह दस्तावेज की दायीं ओर नीचे आसानी से दिखता है।


3 साल पहले भी हुई थी गफलत

तिफरा पटवारी हल्का नंबर 40 में जमीन मालिकों के नाम गायब करने का यह पहला मामला नहीं है। तीन वर्ष पूर्व 2020 में ऐसी शिकायतें सामने आ चुकी है। दस्तावेज के अनुसार 16 दिसंबर 2020 को पटवारी ने डिजीटल सिग्नेचर कर भूइयां साफ्टवेयर में बी-वन, पी-1 को सत्यापित किया है। किसी भी खसरा नंबर का दस्तावेज निकालने पर पटवारी द्वारा सत्यापित दिन अंकित हो जाता है।

छोटे भूस्वामियों के नाम गायब, रसूखदारों के नाम सही सलामत
तिफरा पटवारी हल्का नंबर 40 में ऐसे जमीन मालिकों के नाम राजस्व रिकार्ड से गायब है जो मध्यम वर्गीय परिवार से जुडे हैं और मकान बनाकर रहते हैं। तिफरा क्षेत्र के बड़े और रसूखदारों के नाम रिकार्ड में यथावत है और उनके नाम के साथ कोई छेड़खानी नहीं हुई है।


भुइंया साफ्टवेयर में लगातार संचालनालय से काम होते रहते हैं। इसलिए नाम गायब हो गए होंगे। इसे दुरूस्त कराने के लिए संचालनालय को सूचना देकर जल्द व्यवस्थित करने कहा जाएगा।

आरए कुरूवंशी
एडीएम