
बिलासपुर . बुधवार को शाम 6.30 बजे पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच शहर के मैग्नेटो मॉल में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत ' का प्रदर्शन हुआ। उपद्रव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने शहर के वैशाली नगर रोड स्थित मैग्नेटो सहित मंगला चौक के 36 मॉल व जीत टाकीज में दोपहर से ही पहरा लगा दिया था। पुलिस अधीक्षक आरिफ ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, फिल्म का प्रदर्शन होगा। इसलिए प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटा जाएगा। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत ? के प्रदर्शन का देशभर में विरोध हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए याचिकाएं भी लगाई गई थीं। यह खरिज हो गई। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के प्रदर्शन के लिए आदेश जरी कर दिए। इधर विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। करनी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने शहर के 36मॉल और मैग्रेटो में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की रणनीति बनाई थी। राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर फिल्म का प्रदर्शन रोके जाने की मांग भी की। महासभा ने फिल्म के प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी की घटना के लिए प्रशासन पर जिम्मेदारी डाली है। इधर जिला व पुलिस प्रशासन ने भी सुप्रीम कोर्ट के हवाले से हुड़दंगियों से निपटने के लिए 36मॉल व मैग्नेटो मॉल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दोनों मॉल के गेट पर एक-एक दर्जन जवानों की तैनाती की गई है। एसपी आरिफ शेख ने बयान जारी कर कहा है सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिल्म का प्रदर्शन होगा और प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
विरोध की रूपरेखा बनाने महासभा की हुई बैठक : सर्व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने बुधवार की शाम इमलीपारा में बैठक कर फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देने का फैसला लिया। महासभा के रौशन सिंह ने बताया कि बैठक में समाज के वरिष्ठजन उपस्थित हुए। क्षत्रिय समाज के आग्रह पर 36मॉल मैग्नेटो के प्रबंधक मृणाल शर्मा उपस्थित हुए। सदस्यों ने उनसे फिल्म के प्रदर्शन नहीं किए जाने का आग्रह किया। इस पर मॉल संचालक की और से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। हालांकि उन्होंने कहा, अगर एक मॉल में ्िफल्म का प्रदर्शन होगा, तो मजबूरन उन्हें भी प्रदर्शन करना होगा। बैठक में एचपीएस चौहान, एसपी सिंह, केएस ठाकुर, एसके सिंह, राजेंद्र सिंह, दारा सिंह, संजय सिंह राजपूत, अशोक सिंह ठाकुर, शिव सिंह, दीपक सिंह, विक्रम सिंह, बिहारी सिंह समेत दर्जनों सदस्य शामिल थे। बैठक के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि अगर फिल्म का प्रदर्शन होगा तो विरोध का रास्ता अपनाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ये है मामला : विरोध करने वालों के अनुसार, संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत क्षत्रिय वीरांगना पद्मावती की सत्यकथा पर आधारित है। हालांकि निर्माता ऐसा कोई दावा नहीं करते। इधर फिल्म की पटकथा और फिल्माए गए कुछ दृश्यों को लेकर करनी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा विरोध किया जा रहा है। आरोप है कि फिल्म के जरिए इतिहास के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। इसे लेकर देश के कई राज्यों में विरोध किया जा रहा है। कुछ राज्य सरकारों ने तो फिल्म के प्रदर्शन पर रोक भी लगा दी थी। फिल्म निर्माताओं द्वारा मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर करने के बाद कोर्ट ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए प्रदेश सरकारों को फिल्म का र्निविरोध प्रदर्शन की व्यवस्था करने के लिए कहा है। हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा है, कि जिन्हें फिल्म के कंटेंट से एतराज हो, वे इसे न देखें।
मैग्नेटो मॉल में हुआ प्रीमियर : क्षत्रिय महासभा के तमाम विरोध के बावजूद मैग्नेटो मॉल में बुधवार की शाम 6.30 बजे फिल्म का प्रीमियर शो हुआ। इस दौरान माल के मेन गेट से लेकर माल के इंटरेंस एवं चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात थे।
Updated on:
25 Jan 2018 01:03 pm
Published on:
25 Jan 2018 12:44 pm
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