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आरक्षण रोस्टर उल्लंघन पर PHE भर्ती अटकी, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी…

CG Highcourt: बिलासपुर जिले में आरक्षण के संबन्ध में बिलासपुर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का राज्य सरकार से परिपालन कराने की मांग करते हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
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बिलासपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 14 Aug 2025, 3:34 PM IST

Reservation in MD-MS course, Reservation in Medical course

पीजी में बाहरी छात्रों को 75 फीसदी आरक्षण... गरमाया विवाद .(photo-patrika)

CG Highcourt: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आरक्षण के संबन्ध में बिलासपुर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का राज्य सरकार से परिपालन कराने की मांग करते हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच ने सुनवाई के बाद मुय सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग और पीएचई सचिव को नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।याचिकाकर्ता को राहत देते हुए कोर्ट ने अनुसूचित जनजाति महिला संवर्ग में होने वाली नियुक्ति को भी अपने अधीन रख लिया है।

CG Highcourt: भर्ती प्रक्रिया बाधित रहेगी हाईकोर्ट के आदेश से

याचिकाकर्ता रश्मि वाकरे ने अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से दायर अपनी याचिका में बताया है कि पीएचई ने मार्च 2025 में सब इंजीनियर सिविल के 118 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया। पीएचई द्वारा जारी विज्ञापन में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसा कर विभाग के अफसर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सीधे तौर पर उल्लंघन कर रहे हैं।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा कि याचिकाकर्ता अनुसूचित जनजाति वर्ग की अभ्यर्थी है। नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर 29 नवंबर 2012 एवं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 3 मई 2023 के निर्देश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

ये है आरक्षण रोस्टर, लेकिन पालन नहीं

पीएचई में सब इंजीनियर भर्ती के लिए जारी 102 पद में 52 अनारक्षित, 15 एससी, 20 एसटी व 15 प्रतिशत ओबीसी के लिए आरक्षित रखा गया है। विज्ञापन में शर्त रखी गई कि चयन प्रक्रियाओं में आरक्षण सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र 3 मई 2023 के अनुसार व सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश के अध्याधीन रहेगा। याचिकाकर्ता को लिखित परीक्षा पास होने के बाद 10 जुलाई को पत्र लिखकर दस्तावेजों के परीक्षण के लिए बुलाया गया।

16 जुलाई को लिखे पत्र में एसटी कैटेगरी में 19 वें नंबर पर आने के कारण उसे नहीं बुलाया। याचिकाकर्ता ने छत्तीसगढ़ शासन के 29 नवंबर 2012 को आरक्षण संशोधन का हवाला देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने एससी को 12 एसटी को 32 व ओबीसी को आरक्षण 14 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले एससी को 16 एसटी को 20 ओबीसी को 14 प्रतिशत था।