बहनें घर से भाई की कलाई में बांधने राखी के साथ 100 ग्राम मिठाई भी लेकर पहुंची थीं। ऐसे में भाई के जेब खाली थे। जेल प्रबंधन ने कुछ पौधे उपलब्ध कराए। उन्हें ही तोहफे के तौर पर बहनों को देते हुए कैदी भाइयों ने कहा मेरे पास देने के लिए पैसे तो नहीं है। तू ये पौधे ले जा, जब भी मेरी याद आए इस पौधे में पानी डाल, मुझे याद कर लेना।