
बिलासपुर . लोक सुराज अभियान के प्रथम चरण में जिले के 2.20 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन जमा किए हैं। इनमें 2.14 आवेदन मांगों से संबंधित हंै। करीब 6 हजार आवेदन शिकायतें हैं। मस्तूरी जनपद पंचायत में सबसे अधिक आवेदन जमा हुए हंै। कलेक्टर पी. दयानंद ने मंगलवार को टीएल की बैठक में सभी आवेदनों को समय सीमा के भीतर कम्प्यूटर में ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। नक्शा, पंचसाला और खसरा के सभी तहसीलों में अलग-अलग रेट होने पर कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को सामूहिक नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बैठक में कहा कि सुराज अभियान के आवेदन संकलन के बाद निराकरण भी प्रारंभ करें। माह फरवरी तक सभी आवेदनों का निराकरण हो जाएं। जिले में 2 लाख 20 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में 2 लाख 14 हजार 403 आवेदन मांग और 5 हजार 710 आवेदन शिकायतों से संबंधित हैं। सर्वाधिक आवेदन मस्तूरी जनपद क्षेत्र में प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर ने कहा कि आवेदनों की मार्किंग सही-सही होना चाहिए, ताकि संबंधित विभाग तक आवेदन पहुंच सके। आवेदनों की एंट्री व निराकरण की मानिटरिंग शासन स्तर पर की जा रही है। इस संबंध में कोई बहानेबाजी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली को चुस्त रखें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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तहसीलदारों को सामूहिक नोटिस : कलेक्टर ने कहा कि सीमांकन के प्रकरण लंबित रहने पर आरआई और तहसीलदारों पर कार्यवाही की जाएगी। तहसील कार्यालयों में कम्प्यूटर द्वारा प्रदान की गई बी-1, पांचसाला खसरा तथा नक्शे का दर अलग-अलग तहसीलों में अलग-अलग हैं। इस संबंध में तहसीलदार जानकारी नहीं दें रहे हैं। कलेक्टर इस बात पर नाराजगी जाहिर करते हुए सभी तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
285 हैंडपंप बंद हुए : जिले में पेयजल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पीएचई के अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन गांवों में निस्तारी की समस्या हो रही है, इसकी जानकारी दें। अधिकारी ने बताया कि जल स्तर नीचे जाने के कारण 285 हैण्डपंप बंद हो गए हैं तथा वर्तमान में जल स्तर औसत 27 मीटर है। विगत् 3 माह में जल स्तर 8 मीटर नीचे चला गया है। कलेक्टर ने जल स्तर की स्थिति के बारे में लिखित में जानकारी देने कहा। जिसके बाद आगामी कदम उठाएं जाएंगे।
निगम में गति धीमी पर जताई नाराजगी: कलेक्टर ने नगर निगम के क्षेत्र में प्राप्त आवेदनों की एंट्री धीमी गति से होने पर नाराजगी जताई। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् आवास निर्माण की प्रगति इस माह संतोषजनक नहीं है। सभी एसडीएम और जनपद के सीईओ अपनेे-अपने क्षेत्र में सघन दौरा करें और इसमें प्रगति लाएं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत् जिला ओडीएफ हो गया है, लेकिन इस संबंध में सतत् फालोअप की जरूरत हैं और ओडीएफ को बनाए रखने के लिए जनपद पंचायत के सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ और प्रशासनिक अधिकारी निरंतर मॉनिटरिंग करें। इस कार्य में ढिलाई नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत् गैस कनेक्शन के वितरण तेजी लाने के लिए डीलर्स की बैठक बुलाने कहा।
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किसानों को मुआवजा देने 30 करोड़ और मिले : कलेक्टर ने बताया कि आरबीसी 6-4 के तहत् फसल प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण के लिए 30 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त प्राप्त हुई। पहली किस्त में 15 करोड़ रुपए मिले थे, जिसे किसानों को वितरित कर दिया गया है। उन्होंने एक-एक किसानों के सत्यापन की जवाबदारी तहसीलदारों को दी और कहा कि पात्र व्यक्ति को ही यह राशि मिले। जिले में कुपोषित बच्चों को पौष्टिक डाईट उपलब्ध कराने के लिए डीएमएफटी से राशि खर्च की जाएगी । इस संबंध में महिला बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभाग को कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर केडी कुंजाम, अपर कलेक्टर बीएस उइके, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी फरिहा आलम सिद्दकी, सहायक कलेक्टर विनय लंगेह, अन्य प्रशासनिक व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सडक़ निर्माण में सभी बाधाएं दूर करें : शहर में महत्वपूर्ण सडक़ों का निर्माण हो रहा है। जिनमें बिलासपुर से रतनपुर, रतनपुर से कोटा , गौरेला से वेकंट नगर रोड आदि शामिल हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाधाओं को शीघ्र दूर करें। अन्यथा उनके लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने शिक्षा विभाग, आदिवासी और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि स्कूल, आंगनबाड़ी परिसर में स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर को हटाने के लिए प्रस्ताव दें।
Published on:
17 Jan 2018 12:07 pm
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