
बिलासपुर . श्रीराम केयर हॉस्पिटल द्वारा मरीज का बेड हेड टिकट व स्मार्ट कार्ड को गिरवी रखने का मामला गंभीर माना जा रहा है। 'पत्रिकाÓ में खबर प्रकाशित खबर का कलेक्टर पी दयानंद ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के इस कृत्य पर नाराजगी जताते हुए कहा, कि मरीज के स्मार्ट कार्ड व बेड हेड टिकट को गिरवी नहीं रखा जा सकता। एेसा कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इधर कृष्णा अस्पताल के एक डॉक्टर का कहना है कि बेड हैड के बगैर इलाज करने में दिक्कत हो रही है। पेंड्रा ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य गांव अड़भार निवासी जनकराम पिता गणेशराम भारिया को किडनी के इलाज के लिए 13 जनवरी को नेहरू नगर अमेरी रोड स्थित श्रीराम केयर हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन में 75 हजार रुपए खर्च होने के बाद भी मरीज की हालत नहीं सुधरी। पैसे खत्म होने के बाद असमर्थता जताते हुए मरीज को छुट्टी देने के लिए कहा। इस पर डॉक्टर ने मरीज को आईसीयू से बाहर निकालकर दूसरे कमरे में रख दिया।
साथ ही परिजनों को 60 हजार रुपए का और बिल थमा दिया, और मरीज को वार्ड में बंधक बनाते हुए उस पर सुरक्षा गार्डों का पहरा लगा दिया गया। उनसे कहा गया कि जब तक भुगतान न हो मरीज को यहां से जाने न दें। मजबूरी में मरीज के पिता ने घर में खाने के लिए रखे धान को बेचकर 15 हजार रुपए का इंतजाम किया। पत्रिका ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। मामला सुर्खियों में आने पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने मंगलवार को मरीज को छुट्टी दी। लेकिन शेष भुगतान के लिए उसका बेड हैड टिकट (जिस पर बीमारी, इलाज व दवाइयां लिखी रहती हैं) और स्मार्ट कार्ड को गिरवी रख लिया। इसे लेकर 'पत्रिकाÓ ने 24 जनवरी के अंक में पुन: खबर प्रकाशित की, जिस पर कलेक्टर पी. दयानंद ने संज्ञान लेते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन के रवैए पर नाराजगी जाहिर की है।
स्मार्ट कार्ड कोई नहीं रख सकता गिरवी: राज्य शासन का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी अस्पताल संचालक किसी भी मरीज का स्मार्ट कार्ड गिरवी नहीं रख सकता। एेसा करने वाले अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है।
भर्राशाही और सीएमएचओ का ऐसा रवैया!: इस मामले को लेकर बुधवार सुबह सीएमएचओ डॉ. बीबी बोर्डे से बात की गई। पूर्व की अन्य घटनाओं की तरह इस मामले में भी सीएमएचओ का रवैया बेहद उदासीन रहा। उन्हें जिले व शहर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम व गड़बडिय़ों के बारे में आज भी कुछ पता नहीं था। पूरी जानकारी देने के बाद उन्होंने कहा, कि बुधवार शाम तक श्रीराम केयर हॉस्पिटल से मरीज का स्मार्ट कार्ड व बेड हैड टिकट वापस दिलवा दिया जाएगा। लेकिन रात तक इस पर अमल नहीं हो सका। सीएमएचओ कितने गंभीर हैं, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने शाम के बाद कॉल ही रिसीव नहीं किया।
Published on:
25 Jan 2018 10:45 am
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