
World Hypertension Day 2024: हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप आजकल एक आम लेकिन घातक स्वास्थ्य समस्या बन कर उभरी है, जिसका मुख्य कारण के रूप में आधुनिक जीवनशैली और तनाव को देखा जाता है। वर्तमान में बिलासपुर जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार उच्च रक्तचाप से ग्रसित 27 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त हॉट बाजार क्लीनिक के माध्यम से पिछले वर्ष 1 लाख 70 हजार 851 लोंगों की जांच की गई थी जिसमें से 13 हजार 404 उच्च रक्तचाप के संदिग्ध मरीज पाए गए थे। एनसीडी विभाग के नोडल अधिकारी बी.के वैष्णव ने बताया कि जांच सेवा स्वास्थ्य केन्द्रो में इलाज की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। विश्व उच्चरक्तचाप दिवस के अवसर पर जिले के जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों में नि:शुल्क जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित है।
शहरवासी यहां जा कर अपनी जांच करा सकते हैं। हमारे शरीर में रक्त का प्रवाह एक निश्चित गति से होता है। यदि हेल्थ गाइडलाइंस या स्वास्थ्य निर्देशों की बात करें तो शरीर में रक्त का दबाव 120/80 एम.एम.एच.जी से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि रक्त का दबाव या प्रवाह इस निश्चित सीमा को पार कर जाता है तो ऐसे में शरीर में उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन की स्थिति पैदा हो जाती है। इस बीमारी के होने का मुय कारण दिमागी तनाव, चिंता, गुस्सा, नशे की लत और अधिक नमक का सेवन है। मोटापा, व्यायाम न करना, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और एड्रिनल ग्रंथि के ट्यूमर भी हाई बीपी के कारक बन सकते हैं।
पहला विश्व उच्च रक्तचाप दिवस 14 मई 2005 को वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग द्वारा मनाया गया था। उसके अगले वर्ष यह दिवस 17 मई को मनाया गया था। ‘अपने रक्तचाप को सटीक रूप से मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जिए’ की थीम के साथ 2024 का विश्व हाइपरटेंशन डे मनाया जा रहा है।
मौजूदा समय में खानपान में इर्रेगुलरिटी, सिगेरट-शराब का अधिक सेवन के चलते युवा भी तेजी से इसके चपेट में आते जा रहे हैं। आज हाई बीपी के जो मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, उसमें 25 से 30 प्रतिशत वर्किंग क्लास युवा हैं।
हाइपर टेंशन के इलाज एलोपैथी, होमियोपैथी और आयुर्वेद तीनों में ही मौजूद है। अगर आपके इसके शुरुआती स्टेज में है तो आप आयुर्वेद तय कर सकते हैं वहीं एडवांस स्टेज पर पहुंचने पर ऐलोपैथी दवाएं अधिक कारगर साबित हो सकती हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स की सलाह है कि किसी भी तरह की दवा शुरू करने से अपनी जांच जरूर कराएं।
मौजूदा समय में हाइपरटेंशन के इलाज के लिए विभिन्न तरह की पद्धतियां उपलब्ध हैं। सभी पद्धतियों से इलाज में जो सबसे कॉमन बात निकल कर सामने आती है वो है लाइफ स्टाइल मॉडिफिकेशन। होमियोपैथ, आयुर्वेद और एलोपैथ सभी डॉक्टरों ने पत्रिका की टीम से यह बात साझा की किअगर आप हेल्दी फूड खाएं और एक्सरसाइज करें तो हाइपरटेंशन होने की सभावना कम हो जाती है।
Published on:
17 May 2024 03:38 pm
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