
एक्यूप्रेशर चिकित्सा से सर्दी, जुकाम में मिलता है तुरंत आराम, हाेते हैं कर्इ फायदे
Acupressure For Cold And Flu: सर्दी के माैसम में जुकाम, साइनस, सांस की परेशानी, कफ, खांसी, मानसिक चिंता और पाचन की समस्याएं बढ़ जाती हैं। एक्यूप्रेशर पद्धति की मदद से इन सभी समस्याआें से बचाव हो सकता है। एक्यूप्रेशर पद्धति सर्दी, जुकाम जैसी माैसमी बीमारियाें काे दूर करने के साथ अन्य कई तरह के राेगाें में भी फायदेमंद है। आइए जानते हैं एक्यूप्रेशर पद्धति के जरिए किस तरह से राेगाें में लाभ मिलता है:-
- एक्यूप्रेशर पद्धति में शरीर के कुछ पॉइंट्स को दबाने होते हैं। कलाई के एक्यूप्रेशर पॉइंट्स से फेफड़ों के रोगों में बचाव होता है। पहला एक्यू पॉइंट हाथ और कलाई के जोड़ पर होता है। इस पर दबाव डालने से सर्दी व जुकाम संबंधी लक्षणों जैसे छींक, सर्दी, कंपकंपी लगना, नाक बहना और गले की सूजन आदि से राहत मिलती है।
- दूसरा पॉइंट उस स्थान पर होता है, जहां से नाड़ी महसूस होती है। यहां दबाने से खांसी, अस्थमा और सांस उखड़ने की समस्या में आराम मिलता है। ऐसा दिन में 3-4 बार करें।
- दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर नाक से सूंघने एवं अंगुलियों के आगे की पोर को दबाने से नाक बहना ठीक हो जाता है। इन बिंदुओं को 1-1 मिनट का प्रेशर 3 दिनों तक सुबह-शाम खाली पेट दबाएं। आराम मिलेगा।
- हथेलियों के बीचो बीच प्रेशर देने से गुर्दे तथा मूत्राशय में खराबी को इस प्वाइंट्स पर दबाव देकर ठीक किया जा सकता है क्योंकि गुर्दे तथा मूत्राशय के प्रतिबिंब बिंदु हथेलियों के बीचों बीच स्थित होते हैं।
- अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच का प्वाइंट पर दबाने से शरीर के कई प्रकार के दर्द जैसे कि सिर दर्द, दांत का दर्द, गर्दन का दर्द, कंधे का दर्द, आर्थराइटिस और कब्ज़ जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
- हथेली से लगभग दो अंगुल नीचे की तरफ कलाई में मौजूद प्वाइंट पर दबाने से सिर दर्द, वॉमिटिंग, सीने में दर्द, हाथों में दर्द और बेचैनी दूर हो जाती है।
Published on:
18 Dec 2019 06:13 pm
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