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3 दिन से बुखार तो डेंगू, मलेरिया हो सकता है

बरसात के मौसम में मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू फीवर के मामले ज्यादा होते हैं।
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Shankar Sharma

•

Aug 31, 2018

3 दिन से बुखार तो डेंगू, मलेरिया हो सकता है

3 दिन से बुखार तो डेंगू, मलेरिया हो सकता है

बरसात के मौसम में मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू फीवर के मामले ज्यादा होते हैं। डेंगू का एडीज एजिप्टाई मच्छर मुख्य रूप से सुबह औैर शाम के समय काटता है। मलेरिया में सर्दी लगकर बुखार आता है। बरसात के मौसम में तीन दिन से ज्यादा बुखार न उतरे तो डॉक्टर से परामर्श लें।

२० हजार प्लेटलेट काउंट तो दिक्कत नहीं: डेंगू फीवर के लिए कार्ड टेस्ट कराएं। इसके बाद एलाइजा जांच का नियम है। प्लेटलेट काउंट भी कराते हैं। स्वस्थ व्यक्ति का प्लेटलेट काउंट डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख होता है। बुखार में बीस हजार तक काउंट आए तो घबराएं नहीं।

धूपन कर्ब से भगाएं मच्छर
आयुर्वेद में मच्छरों को भगाने के लिए धूपन कर्ब करें। इसके लिए तवे पर राल, गुगुल, नीम की सूखी पत्ती के धुएं से मच्छर भागते हैं। कंडे की आग में राल, गुगल, नीम की सूखी पत्ती, घी डालकर कमरे में रखकर दरवाजे खिड़कियां बंद कर दें। डेढ़ दो घंटे बाद कमरे में सोने जा सकते हैं। अस्थमा रोगी व छोटे बच्चों को दूर रखना होगा।

बीमार होने पर ऐसा हो खानपान
डेंगू या मलेरिया बुखार होने पर मुख्य रूप से दाल, दलिया, नारियल पानी, दूध और खिचड़ी फायदेमंद होता है। खट्टे फल, दही छाछ खाने से बचना चाहिए।

बढ़ाएं प्रतिरोधक क्षमता
डेंगू में गिलोय का रस पीएं। पपीते की नई पत्ती का रस भी कारगर है। कीवी, अनार, हल्दी को घी में फ्राई कर दो चम्मच शहद में खा सकते हैं। ये डॉक्टरी सलाह पर ही प्रयोग करें। बारिश में बुजुर्गों को खास खयाल रखना चाहिए। चिकित्सक की सलाह से शतावरी, अश्वगंधा, ब्राम्ही भी ली जा सकती है। डॉ. गोपेश मंगल, आयुर्वेद विशेषज्ञ, एनआइए, जयपुर

इनका रखें ध्यान
ठंडे पानी की पट्टी करते रहें।
शरीर को गीले कपड़े से साफ करें
एंटीबायोटिक बीच में बंद न करें
बुखार में भारी चीजें खाने से बचें
बच्चों को मच्छरदानी में सुलाएं
बुखार में खुद से दवा न लें

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।