28 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Health News: मसाला होने के साथ ही लौंग बेहतरीन औषधि भी है, ऐसे करें सेवन

Health News: लौंग मसाला होने के साथ-साथ बेहतरीन औषधि भी है। यह चरपरी, कड़वी और तासीर में ठंडी होती है। लौंग नेत्र रोगों, दांतों की समस्या, खांसी, अजीर्ण, गैस, भोजन में अरुचि, उल्टी और अधिक प्यास लगने की तकलीफ में उपयोगी है।
less than 1 minute read
Google source verification

•

image

Deovrat Singh

•

Aug 04, 2021

health news

Health News: लौंग मसाला होने के साथ-साथ बेहतरीन औषधि भी है। यह चरपरी, कड़वी और तासीर में ठंडी होती है। लौंग नेत्र रोगों, दांतों की समस्या, खांसी, अजीर्ण, गैस, भोजन में अरुचि, उल्टी और अधिक प्यास लगने की तकलीफ में उपयोगी है। लौंग को मिश्री के साथ पीसकर चाटने से गर्भावस्था में उल्टियां, जी घबराना और भोजन में अरुचि दूर होती है।

Read More: कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल करने से पहले जरूर जान लें ये ख़ास बातें, नहीं त्वचा हो सकती है खराब

खाने के बाद दो लौंग मुंह में रखकर चूसते रहने से पेट का तनाव कम होता है, आंतों में भोजन की पाचन गति बढ़ती है और आफरा, डकारें व गैस की समस्या दूर होती है। इसका तेल गठिया, सिरदर्द में लाभदायक होता है। कैविटी होने पर रुई की फुरेरी बनाकर रखने से दांतदर्द में आराम मिलता है। लौंग खाने से दांतों की बदबू, सांस की दुर्गंध और पायरिया रोग में राहत मिलती है। खांसी, जुकाम, सिरदर्द में लौंग, तुलसी के पत्ते और अदरक वाली चाय फायदा करती है। लौंग को मुंह में रखकर चूसने से खांसी आनी बंद हो जाती है।

Read More: देश की एक तिहाई आबादी में कोरोना एंटीबॉडी, जानें सभी राज्यों का हाल

प्रयोग: लौंग का इस्तेमाल मंजन, पेस्ट, गोलियां, चूर्ण और चटनी आदि रूप में किया जाता है। पुलाव, खिचड़ी, केसरिया मीठा भात, कढ़ी, मठरी, गट्टे की सब्जी आदि व्यंजनों में स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। पान में भी लौंग डाली जाती है। मुंह पर होने वाले कील-मुंहासों के लिए लौंग को साफ जगह पर पानी में घिस लें। इस लेप को लगाने से लाभ होगा।

Read More: अदरक और नींबू का रस झड़़ते बालों के लिए है औषधि, ऐसे करें इस्तेमाल

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।