
सर्दियों में करें ये योगासन, शरीर रहेगा ऊर्जावान
Yoga Pranayam: योग का नियमित अभ्यास शरीर को गर्म रखता है और सर्दी-खांसी, वायरल बुखार जैसी बीमारियां सर्दी के मौसम के होती हैं। इन योग से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सर्दियों में चेहरे पर झुर्रियों से भी बचा जा सकता है। आइए जानते हैं काैन से याेगासन करने से सर्दियाें में फायदा मिलेगा:-
धनुरासन ( Dhanurasana )
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाए। सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और हाथ से टखनों को पकड़ें। सांस लेते हुए क्षमता के अनुसार सिर, छाती व जांघ को ऊपर की ओर उठाएं। शरीर के भार को पेट के निचले हिस्से पर लेने की कोशिश करें। धीरे-धीरे सांस लें और सांस छोड़ें। लम्बी गहरी सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में नीचे आएं। 3-5 बार इस आसन को कर सकते हैं।
फायदा : इससे पैर, हाथ की मांसपेशियों में कसाव आता है। मासिक-धर्म और कब्ज में फायदेमंद है। मधुमेह, कमर-दर्द, अस्थमा, थायरॉइड में आराम मिलता है।
पश्चिमोत्तानासन ( paschimottanasana )
सबसे पहले जमीन पर बैठ जाएं। दोनों पैरों को सामने फैलाकर पीठ को ढीला छोड़ दें। सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाएं। फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। हाथ से पैर की उंगलियों को पकडऩे और नाक को घुटने से सटाने की कोशिश करें। धीरे-धीरे सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। इस अवधि को धीरे-धीरे बढ़ाते रहें। 3 से 5 बार यह आसन कर सकते हैं।
फायदा : मोटापा, पाचन, पथरी, रीढ़ की हड्डी, त्वचा व अनिद्रा में आराम मिलता है। यह आसन पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है। पेट संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं।
त्रिकोणासन ( Trikonasana )
पांव एक साथ जोड़कर सीधे खड़े हो जाएं। पैरों के बीच में दो फुट की दूरी रखें। बाहें कंधे तक फैलाएं। सांस खींचते हुए, दाएं बांह को सिर के ऊपर ले जाएं। सांस छोड़ते हुए शरीर बाएं ओर झुकाएं। घुटने न मोड़ें। दाईं बांह जमीन से सटी व बाईं बांह, बाएं पैर के बराबर रखें। धीरे-धीरे सांस लें- छोड़ें। अपनी क्षमता अनुसार मुद्रा को बनाए रखें। इस क्रिया को शरीर के दूसरी ओर से भी दोहराएं। 3 से 5 बार कर सकते हैं।
फायदा : पाचन-तंत्र मजबूत होता है। तनाव, सियाटिका और पीठ दर्द कम होता है। पेट की चर्बी, त्वचा, कद बढ़ाने, फेफड़े, एसिडिटी में आराम मिलता है।
भुजंगासन ( bhujangasana )
पेट के बल लेट जाएं। हथेली को कंधे के सीध में लाकर दोनों पैरों के बीच की दूरी को कम करें। पैरों को सीधा रखें। इसी मुद्रा में सांस लेते हुए शरीर के अगले भाग को नाभि तक उठाएं। कमर पर ज्यादा खिंचाव न आने दें। योग करते समय धीरे-धीरे सांस लें और छोडे़ं। सामान्य अवस्था में आने के लिए गहरी सांस लें। शुरुआत में 3 से 4 बार कर सकते हैं।
फायदा : इस आसन से शरीर लचीला बनता है, स्लिप-डिस्क, कमर-दर्द, अस्थमा, तनाव, पाचन, थायराइड और महिलाओं संबंधी समस्या में फायदेमंद है।
Updated on:
15 Dec 2019 05:56 pm
Published on:
15 Dec 2019 05:56 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
