
ashok kumar
आज बॅालीवुड जगत के जाने माने अभिनेता अशोक कुमार की पुण्यतिथी है। साल 2001 में इसी दिन अशोक कुमार ने बॅालीवुड जगत और इस दुनिया से अलविदा कह दिया था। लेकिन आज भी उन्होंने अपने बेहतरीन अभिनय से लाखों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ रखी है। अशोक हीरो की छवि वाले हिन्दी फिल्मों के पहले एक्टर थे। उनका जन्म 13 अक्टूबर 1911 को हुआ था। बता दें अशोक कुमार गायक किशोर कुमार के भाई हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की आज ही के दिन ही उनके भाई किशोर कुमारा का देहांत हुआ था। भाई की मौत के बाद से अशोक कुमार ने अपना जन्मदिन मनाना छोड़ दिया था।
अशोक कुमार के जीवन में एक्टिंग का मोड़ भी काफी दिलचस्प तरीके से आया था। कॉलमिस्ट जयप्रकाश चौकसे के अनुसार,-अशोक कुमार मुंबई आकर निर्माता-निर्देशक हिमांशु राय के साथ टेक्नीशियन के रूप में काम करने लगे। ये उन दिनों की बात है जब हिमांशु 1936 में फिल्म जीवन नैया बना रहे थे। लेकिन तभी अफवाह उड़ी थी की फिल्म के हीरो हुसैन का हिमांशु की पत्नी देविका रानी से अफेयर है। इसके बाद हिमांशु नाराज हो गए और अशोक कुमार से कहा कि वे अब उनकी फिल्म के हीरो होंगे। अशोक कुमार ने एक्टर बनने से काफी इंकार किया, लेकिन हिमांशु नहीं माने। इस तरह अशोक कुमार के एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई।
एक्टर अशोक कुमार से बॅालीवुड के कई और दिलचस्प किस्से जुड़े हैं। कहा जाता है की उन दिनों एक बार एक्टर शम्मी कपूर ने पान मसाले का विज्ञापन सिर्फ इसलिए किया था कि क्योंकि इसमें अशोक कुमार भी थे। इस बात पर राज कपूर शम्मी से बेहद नाराज हुए थे। वैसे तो माना जाता है की अमिताभ बच्चन ही इकलौते एसे हीरो हैं जिन्होंने सबसे पहले एंटी हीरो का छवि वाली भूमिकाएं कीं। लेकिन आपको बता दें उनसे पहले अशोक कुमार अपनी फिल्म किस्मत में एसा कर चुके थे। ये फिल्म पांच साल तक चली थी।
सबसे मजेदार किस्सा तो वो था जब राज कपूर की शादी के दौरान उनकी पत्नी ने अशोक कुमार का नाम सुन शादी के बीच ही अपना घूंघट हटा दिया था। हुआ ये था की उन दिनों अशोक कुमार इतने फेमस नहीं हुए थे। लेकिन शादी में किसी ने चिल्लाया कि अशोक कुमार आए हैं तो राज कपूर की दुल्हन कृष्णा ने यह सुनकर अपना घुंघट हटा लिया। यह सब होने के बाद राज कपूर अपनी पत्नी से कई दिनों तक नाराज रहे थे।
क्या आप जानते हैं कि शोले, जंजीर जैसी फिल्मों के को राइटर सलीम खान की पहली कहानी अशोक कुमार ने ही ख़रीदी थी। वे उनके करीबी मित्र थे। अशोक कुमार ने फिल्मों के पेशे को बेहद सम्मान दिलाया।
उन दिनों दूरदर्शन के लिए अशोक कुमार ने भीम भवानी, बहादुर शाह जफर और उजाले की ओर जैसे सीरियलों मे भी काम किया। अशोक कुमार को दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। साल 1988 मे अशोक को हिन्दी सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। कहा जा सकता है की अशोक लगभग छह दशक तक अपने बेमिसाल अभिनय से दर्शको के दिल पर राज करते रहे।
Published on:
10 Dec 2017 10:49 am
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