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गुलशन के प्यार में अनुराधा ने बर्बाद किया अपना पूरा कॅरियर, उनके गलत फैसले ने बनाया इस दूसरी सिंगर को हिट

अनुराधा को फिल्म 'आशिकी', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'बेटा' के लिए तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले।

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anuradh

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90 के दशक की मशहूर सिंगर अनुराधा पौडवाल का आज जन्मदिन है। उनका जन्म 27 अक्टूबर, 1952 को हुआ था। उन्हें बचपन से ही गाने का शौक था। अनुराधा हमेशा से ही पाश्र्वगायिका बनने का सपना देखा करती थीं। अपने सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने बॉलीवुड का रुख किया। उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत साल 1973 में आई फिल्म 'अभिमान' से की थी। इस फिल्म के गानें काफी हिट थे। इस फिल्म के बाद अनुराधा रातों-रात इंडस्ट्री में फेमस हो गई थीं। लेकिन अनुराधा के लिए गए एक फैसले ने उनका कॅरियर खत्म कर दिया। आइए जानते हैं आखिर क्या था वो फैसला...

अगली लता कहा जाता था अनुराधा को:
एक समय ऐसा था जब अनुराधा पौडवाल को बॉलीवुड इंडस्ट्री की अगली लता मंगेशकर कहा जाता था, लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अनुराधा के एक गलत फैसले की वजह से उनका पूरा कॅरियर ही बर्बाद हो गया। अनुराधा जब अपने कॅरियर के पीक पर थीं तो उन्होंने मीडिया के सामने ये बात कह दी थी कि वो अब सिर्फ गुलशन कुमार की कंपनी टी-सीरिज के लिए ही गाएंगी। उनका लिया गया ये फैसला उनके लिए ही घातक बन गया। इसके बाद उन्होंने किसी और के लिए कभी गाना नहीं गाया था।

इस वजह से अनुराधा ने छोड़ दिया था गना:
गुलशन कुमार की मौत के बाद अनुराधा अचानक पूरी तरह से टूट गई थीं। उन्होंने फिल्मी गाने गाना छोड़ ही ‌दिया। फिर वो सिर्फ भजन गाने लगीं। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने पूरी तरह से गायन से दूरी बना ली थी। अनुराधा के इसी गलत फैसले का फायदा इंडस्ट्री में स्ट्रगल कर रहीं दूसरी सिंगर को हुआ। बता दें की इसका पूरा फायदा उठाया उस दौर की अलका याग्निक और कुछ दूसरी सिंगर्स ने। जैसे ही अनुराधा ने फिल्मों को छोड़ डिवोशनल सॉन्ग गाने शुरू किए उनका कॅरियर ढलान पर आने लगा। करीब 5 साल तक अनुराधा ने किसी भी फिल्म या दूसरी म्यूजिक कंपनी के लिए कोई गाना नहीं गाया।

पति की मौत ने पूरी तरह तोड़ दिया था अनुराधा को :
अनुराधा की शादी अरुण पौडवाल से हुई थी, जो एसडी बर्मन के असिस्टेंट और खुद भी एक म्यूजिक कंपोजर थे। दोनों के दो बच्चे हैं आदित्य और कविता पौडवाल है। कहा जाता है कि अरुण पौडवाल की असमय मौत हो जाने के बाद अनुराधा पूरी तरह से अकेली पड़ गई थी। वो अकेले ही दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उठाती थी। इसे बाद ही उनकी मुलाकात गुलशन कुमार से हुई। अकेली अनुराधा को गुलशन का सहारा मिला और वो उनकी ओर झुकती चली गई। अनुराधा ने करीब 10 साल से ज्यादा समय तक टी-सीरीज के लिए काम किया।

कई अवॉर्ड किए अपने नाम:
अनुराधा पौडवाल ने न सिर्फ बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की, बल्कि भजन गायिकी में भी उन्होंने नाम कमाया। अनुराधा ने बॉलीवुड गानों और भजनों के अलावा पंजाबी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगू, उड़िया और नेपाली भाषा में भी गाने गाए हैं। अनुराधा को फिल्म 'आशिकी', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'बेटा' के लिए तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले। उन्हें अगला लता मंगेशकर कहा जाने लगा था। यहां तक कि म्यूजिक कंपोजर ओपी नैयर ने कहा था, 'लता अब खत्म, अनुराधा ने उन्हें रिप्लेस कर दिया है।' अनुराधा लता मंगेशकर की बहुत बड़ी फैन हैं। यहां तक कि वो अपनी सिंगिंग की प्रैक्टिस भी लता जी को सुनते हुए ही करती थीं।