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मुमताज नहीं छोड़ती ये बड़ी फिल्म तो हेमा मालिनी कभी नहीं बनती ‘ड्रीम गर्ल’…

1972 में हेमा मालिनी की फिल्म ‘सीता और गीता’ से तो मानों उनके कॅरियर की गाड़ी उड़ान भरने लगी।

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मुंबई

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Riya Jain

Oct 16, 2018

birthday special: hema malini movie sita or gita first offer to mumtaz

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बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा और नृत्यांगना हेमा मालिनी आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं। ड्रीम गर्ल कही जाने वाली एक्ट्रेस हेमा का जन्म 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु के आमानकुंडी में हुआ था। हेमा की मां जया चक्रवर्ती सिनेमा जगत में एक नामी निर्माता रही इसी कारण उनके घर में हमेशा फिल्मी माहौल रहा। लगभग चार दशक के कॅरियर में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। लेकिन उनका फिल्मी कॅरियर इतना आसान नहीं था।

‘ड्रीमगर्ल’ हेमा मालिनी ने जब फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा ही था तब एक तमिल-निर्देशक श्रीधर ने उन्हें अपनी फिल्म में काम देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया। बताया जाता है कि तब उन्हें फिल्म से सिर्फ इसलिए निकाल दिया क्योंकि उनमें स्टार अपील नहीं है। बाद में सत्तर के दशक में इसी निर्माता-निर्देशक ने उनकी लोकप्रियता को भुनाने के लिए उन्हें लेकर 1973 में ‘गहरी चाल’ फिल्म का निर्माण किया।

क्या आप जानते हैं हेमा ने काफी कम उम्र में ही नाटक में भाग लेना शुरू कर दिया था। साल 1961 में हेमा मालिनी को एक लघु नाटक ‘पांडव वनवासम’ में बतौर नर्तकी काम करने का मौक़ा मिला।

फिल्म इंडस्ट्री की बात करें तो उन्हें साल 1968 में सर्वप्रथम राजकपूर के साथ ‘सपनों का सौदागर’ में काम करने का मौका मिला। फिल्म के प्रचार के दौरान हेमा मालिनी को ‘ड्रीम गर्ल’ के रूप में प्रचारित किया गया। हालांकि फिल्म सिनेमाघरों में कुछ खास सफल नहीं हो पाई। पर हेमा मालिनी को दर्शकों ने पसंद कर लिया।

हेमा मालिनी को पहली सफलता साल 1970 में प्रदर्शित फिल्म ‘जॉनी मेरा नाम’ से हासिल हुई। इसके बाद 1972 में हेमा मालिनी की फिल्म ‘सीता और गीता’ से तो मानों उनके कॅरियर की गाड़ी उड़ान भरने लगी। इस फिल्म की सफलता के बाद वह शोहरत की बुंलदियों पर जा पहुंचीं।

बताया जाता है कि पहले यह फिल्म मुमताज को ऑफर की गई थी। लेकिन उनके कुछ कारणों की वजह से ये फिल्म हेमा की झोली में आ गिरी। इस फिल्म में अपने जानदार अभिनय के लिए हेमा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। हेमा मालिनी ने अपने चार दशक के सिने कॅरियर में लगभग 150 फिल्मों में काम किया। उन्हें साल 2000 में पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया।