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थियेटर्स में बैन हैं ये बॉलीवुड फिल्में, पर नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और यूट्यूब कर सकते हैं स्ट्रीम

फिल्मों को सिनेमाघरों में उतारने से पहले इन्‍हें फिल्म सेंसर बोर्ड की अनुमति लेनी होती है, लेकिन कई बार मानकों पर खरा नहीं उतरने पर इन्‍हें बैन कर दिया जाता है।
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नई दिल्ली

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Sneha Patsariya

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Updated: 17 Jan 2022, 6:28 PM IST

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पिछले एक दशक में सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन द्वारा प्रतिबंधित फिल्मों की संख्या में कमी आई है। हालांकि, 90 के दशक या 21वीं सदी की शुरुआत में ऐसा नहीं था। जिन फिल्मों में सेक्स, धर्म और वर्जित विषयों पर चर्चा की जाती थी उन्हें या तो थिएटर में रिलीज करनी की अनुमति नहीं मिलती थी या फिर उन्हें थिएटर से जल्दी हटा दिया जाता था। यह भी सच है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपने विचारों को व्यक्त करने के अधिकार के बारे में हो रही बहस ने हमारे समाज के लोगों को विरोधी विचारों और विचारों के प्रति कुछ हद तक सहिष्णु बना दिया है। यहां तक, भारतीय सिनेमा में भी यह बदलाव देखने को मिला है।

जहां बहुत सी फिल्मों को अब सीएफबीसी से हरी झंडी मिल रही है। हालांकि जो ऐसी फिल्मों को थिएटर्स में नहीं देख पाए उनके लिए हमारे पास ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म हैं। वास्तव में, यहां हमारे पास सीबीएफसी द्वारा प्रतिबंधित कुछ बेहतरीन फिल्मों की सूची है जिन्हें आप ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं। पढ़िए…

एंग्री इंडियन गॉडेस

इस फिल्म का ट्रेलर ही जब आया था तब बहुत सारे लोगों ने आपत्ति जताई थी और यही नहीं इस फिल्म में इतने कट लगाए गए थे कि मेकर्स ने खुद ही इसे रिलीज नहीं किया। लेकिन इसे आप ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। इसपर जितने कट लगाए गए हैं उसका वीडियो भी आपको ऑनलाइन मिल जाएगा।

अनफ्रीडम

दो लड़कियों के संबंधों पर आधारित यह फिल्म साल 2015 में रिलीज होने वाली थी। मगर अश्‍लील कंटेंट और दूसरे आपत्तिजनक सीन्‍स की वजह से सेंसर बोर्ड ने मूवी को बैन कर दिया। जिस वजह से ये कभी रिलीज नहीं हो पाई, लेकिन किसी ने मूवी को यूट्यूब पर डाल दिया। लोग आज भी वहां इसे देख रहे हैं।

फायर

भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी समलैंगिकता के विचार से असहज होने के कारण, फायर के लिए उस समय भारतीय थिएटर्स में आना मुश्किल था जब इसे जारी किया गया था (1996)। भारतीय प्रेस और दर्शकों द्वारा इस फिल्म का विरोध किए जाने के कारण इस फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा रिलीज के लिए मंजूरी देने से इंकार कर दिया गया था। यह एक बहुत ही जोखिम भरा कदम था क्योंकि फिल्म ने समलैंगिकता के साथ-साथ धर्म जैसे दो बेहद संवेदनशील मुद्दों पर बात की थी। हालांकि, फिल्म को दुनिया भर में रिलीज़ किया गया और साथ ही कई पुरस्कार भी जीते।

ब्लैक फ्राइडे

फ़िल्म ब्लैक फ्राइडे साल 1995 में हुए बम धमाकों और उस पर हुई इन्वेस्टिगेशन पर आधारित है। दुनिया भर में अच्छे रिव्यू मिलने के बावजूद इस फ़िल्म को इंडिया में रिलीज़ होने से बैन कर दिया गया था। लेकिन आप अगर अनुराग कश्यप की इस फिल्म को देखना चाहते हैं तो हॉटस्टार पर देख सकते हैं।

वाटर

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ये फिल्म महात्मा गांधी दौर और बंटवारे को दिखाती है। उस दौर में विधवाओं की जिंदगी कैसी होती थी और उन्हें किस-किस तरह के काम करने पड़ते थे ये इस फिल्म में दिखाया गया है। बाल विधवा से लेकर एक खूबसूरत विधवा तक किस तरह से शोषित होती हैं ये कहानी वही कहती है। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही इसका विरोध शुरू हो गया था और ये कभी भारत में रिलीज नहीं हुई। इसे भी आप यूट्यूब में देख सकते हैं।

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