
नोरा फतेही का गाना बना विवाद
Nora Fatehi Fatwa: बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही का नया गाना 'सरके चुनर तेरी' विवादों के ऐसे भंवर में फंस गया है कि अब उनकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) का समन जारी किया और अब उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया है। जिसने इस मामले को और बड़ा बना दिया है। वहीं, कुछ समय पहले खुद नोरा ने सामने आकर इस मामले पर बात की थी और बताया था कि उन्होंने डायरेक्टर ने कहा था कि ये गाना काफी अश्लील है, लेकिन वह नहीं माने। अब ऐसे में जब गाना रिलीज हुआ तो नोरा और संजय दत्त पर इसका सारा ठिकरा फूट पड़ा। नोरा फतेही के खिलाफ जो फतवा जारी हुआ है वह किसी और ने नहीं बल्कि अलीगढ़ स्थित मुस्लिम संस्था 'दारुल इफ्ता' ने जारी किया है। उत्तर प्रदेश के मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने इस गाने को लेकर कड़ी नाराजगी भी जताई है।
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के मुताबिक, अलीगढ़ की इस मुस्लिम संस्था ने गाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'अश्लील और भद्दा' करार दिया है। मौलाना इफराहीम हुसैन ने अपने बयान में कहा कि ऐसे गाने हमारे सामाजिक और नैतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। फतवे में न केवल इस गाने के बहिष्कार की अपील की गई है, बल्कि कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को नसीहत दी गई है कि वह मनोरंजन के नाम पर जिम्मेदारी से कंटेंट पेश करें।
यह फतवा उस वक्त आया है जब कुछ ही घंटों पहले राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा फतेही और संजय दत्त को समन जारी किया था। आयोग ने इस मामले का खुद संज्ञान लेते हुए इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ माना है। आयोग का मानना है कि पहली नजर में ही यह गाना 'यौन उत्तेजक' है और भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ आईटी एक्ट और पोक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों का भी उल्लंघन करता है।
इतना ही नहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी गाने के 'दोहरे अर्थ' वाले बोलों पर नोटिस जारी किया है। सामाजिक कार्यकर्ता और वकील विनीत जिंदल ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि यह गाना सार्वजनिक रूप से सुनने लायक नहीं है और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी उपलब्धता समाज के लिए घातक है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए नोरा फतेही, संजय दत्त, गीतकार रकीब आलम, निर्माता वेंकट के नारायण और निर्देशक किरण कुमार को 24 मार्च को दोपहर 12:30 बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि ये लोग पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
Updated on:
20 Mar 2026 08:55 am
Published on:
20 Mar 2026 08:55 am
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