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भाई शाहिद कपूर से तुलना पर ईशान खट्टर ने दिया ऐसा जवाब

वे पंसद करें या न करें यह उनका अधिकार है

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ishaan and Shahid

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माजिद मजीदी की फिल्म 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' से डेब्यू करने वाले और फिल्म 'धड़क' से सुर्खियां बटोरने वाले नवोदित अभिनेता ईशान खट्टर ने कहा है कि उन्होंने अपने पेशेवर विकल्प को लेकर भाई शाहिद कपूर के साथ चर्चा की है।

मां और भाई से किया विचार-विमर्श:
ईशान ने एक बयान में कहा, 'मैंने अपने भाई और मां के साथ काम के बारे में विचार-विमर्श किया था कि मैं यह करने जा रहा हूं। मुझे लगता है कि अगर आप किसी के नजदीक हैं, तो आप कुछ ऐसा साझा करना चाहते हैं जो आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। फिल्में मेरे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।' उन्होंने कहा, 'क्योंकि यह एक ही बिजनेस का हिस्सा है और उनके लिए इसे समझना बहुत आसान है। वे नहीं चाहते कि मैं उनके साथ या अपनी मां के साथ सबकुछ साझा करूं, लेकिन मैं अपनी मां और भाई के साथ चीजें साझा करना पसंद करता हूं।'

भाई के डांसर होने के बारे में पता नहीं था:
ईशान ने ईरानी फिल्म निर्माता माजिद मजीदी के 'बियॉन्ड द क्लाउड्स' के साथ अपनी फिल्मी कॅरियर की शुरुआत की थी, लेकिन 'धड़क' ने बॉलीवुड में उन्हें पहचान दी है। उन्होंने कहा, 'हमारे परिवार में मेरी मां पहली डांसर थी। मुझे नहीं लगता कि जब मैंने डांस शुरू किया था तो मेरे भाई के डांसर होने के बारे में मुझे पता था। जब मैंने डांस शुरू किया था तो मैं बहुत छोटा था।'

भाई ने अलग-अलग तकनीकों से सिखाया डांस:
ईशान ने कहा, 'निश्चित रूप से मैं उनके साथ डांस साझा करता हूं। हम डांस को लेकर बहुत भावुक हैं और वह अधिक अनुभवी डांसर हैं। वह एक सलाहकार रहे हैं और उन्होंने मुझे कई अलग-अलग तकनीकों के माध्यम से डांस सिखाया है, इसलिए वह निश्चित रूप से मेरे शिक्षक और सलाहकार हैं।

सपने में भी तुलना नहीं कर सकता:
ईशान का कहना है कि वह सपने में भी अपने भाई शाहिद कपूर से खुद की तुलना नहीं कर सकते। ईशान ने कहा, 'मैं इन बातों को ज्यादा अहमियत नहीं देता। यह ऑडियंस का अधिकार है कि वे मेरी तुलना करना चाहें या फिर मुझे एक अलग नजरिए से देखें। वे पंसद करें या न करें यह उनका अधिकार है। मैं तो जाकर उन्हें पकड़कर यह नहीं कहने वाला कि नहीं ऐसा न करें। न ही मैं यह करना चाहता हूं। मेरी कोशिश यही रहेगी कि मैं अपना काम करता रहूं और आगे बढ़ता रहूं। मैं इसलिए भी इन बातों को अहमियत नहीं देता क्योंकि मैं सपने में भी खुद की तुलना बड़े भाई से नहीं कर सकता। वह मेरे अभिभावक व टीचर के समान हैं। जब आप उनसे इतना कुछ लेते हैं तो आपकी यही कोशिश रहती है कि आप उन्हें कभी निराश न करें। मैं हमेशा इसी कोशिश में रहता हूं।'