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केरल HC की सख्ती से बढ़ी The Kerala Story 2 की मुश्किलें, सेंसर सर्टिफिकेट पर उठे सवाल

The Kerala Story 2 case: केरल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद फिल्म The Kerala Story 2 की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कोर्ट ने फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जिससे इसके रिलीज पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।

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केरल HC की सख्ती से बढ़ी The Kerala Story 2 की मुश्किलें, सेंसर सर्टिफिकेट पर उठे सवाल

फिल्म- The Kerala Story 2 (सोर्स: IMDb)

The Kerala Story 2 case: विवादों में घिरी फिल्म 'द केरल स्टोरी' का सीक्वल 'द केरल स्टोरी 2: गो बियॉन्ड' अगले वीकेंड पर रिलीज होने वाली है, लेकिन इसकी रिलीज से पहले ही कानूनी विवादों ने इसे घेर लिया है। बता दें, केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को इस फिल्म के सर्टिफिकेशन को चुनौती देने वाली एक याचिका पर प्रोड्यूसर्स को नोटिस जारी किया है, जिसमें फिल्म के प्रमोशनल मटेरियल को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई गई हैं।

कानूनी सुरक्षा का उचित पालन नहीं किया

याचिका दायर करने वाले श्रीदेव नंबूदिरी, जो कन्नूर जिले के चित्तरीपरम्बा के रहने वाले हैं, उनका कहना है कि फिल्म में कई राज्यों की महिलाओं को रिश्तों में फंसा कर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करने की कथित घटनाएं दिखाई गई हैं और उन्होंने फिल्म के टीजर की लास्ट लाइन "अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे" को सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली भाषा बताया है, जो बदले की भावना को भड़काने का रास्ता खोल सकती है, जो गलत है।

इतना ही नहीं, याचिका में ये भी आरोप है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 की धारा 5B के तहत दी गई कानूनी सुरक्षा का उचित पालन नहीं किया और ये धारा ऐसी फिल्मों को सर्टिफाय करने से रोकती है, जो सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और शालीनता के खिलाफ हों या अपराध को बढ़ावा दें।

दरअसल, याचिका में पिछले साल आई पहली 'द केरल स्टोरी' इंस्टॉलमेंट पर जारी कानूनी विवादों का भी हवाला दिया गया है। पहली फिल्म पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई थी, जहां प्रोड्यूसर्स ने एक डिस्क्लेमर शामिल करने पर सहमति जताई थी कि फिल्म की कहानी एक कल्पित रूपांतरण है और उसमें दिए गए कुछ आंकड़े सत्यापित नहीं हैं। इसके बाद भी याचिकाकर्ता का कहना है कि पहले विवादों के बाद भी इस बार के सीक्वल को बिना उचित समीक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द्र पर प्रभाव का परख किए सर्टिफिकेट दे दिया गया।

सर्टिफिकेशन को कैंसिल करने और कानूनी नियमों के अनुसार

अब खबरों के अनुसार, याचिका में राहत स्वरूप फिल्म के सर्टिफिकेशन को कैंसिल किए जाने और CBFC से इसे फिर से कानूनन नियमों के अनुसार जांचने की मांग की गई है। साथ ही, फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने या बदलाव और डिस्क्लेमर जोड़ने की भी सिफारिश की गई है।

बता दें, इस फिल्म पर विवाद पहले से ही खूब गरमाया हुआ है, सीएम पिनाराई विजयन ने भी फिल्म के सीक्वल की रिलीज को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने इसे केरल के खिलाफ नफरत फैलाने वाले एजेंडे से तैयार किया गया बताया और इसे गंभीर विषय माना। सीएम ने आगे ये भी कहा कि पहली फिल्म को लोग उनके राज्य में जमीनी स्तर पर खारिज कर चुके हैं, क्योंकि वो झूठ और नफरत से भरी थी। अब आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई इस विवाद पर नए फैसले की दिशा तय करेगी कि इसमें क्या बदलाव करना है।