
place in india where women does not wear blouse with saree
आज देश बहुत मॅार्डन हो गया है। बॅालीवुड इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेसेस अक्सर नए ट्रेंड लाती रहती हैं। लेकिन इन सभी के बीच एक एसी पोशाक है जो आज तक नहीं बदली और वो है साड़ियों का चलन। वक्त के साथ भले ही साड़ियों को पहनने का तरीका बदल गया लेकिन साड़ी के रूप में आज भी देश की ये संस्कृति बरकरार है।
गांव में साड़ियों को पहनने के तरीके अलग-अलग होते हैं। भारतीय महिलाएं हमेशा ज्यादातर साड़ी ही पहनती हैं और साड़ी के साथ ब्लाउज जरूर पहना जाता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की आज के दौर में एक ऐसी जगह है जहां साड़ियों के साथ ब्लाउज नहीं पहने जाते। इसके पीछे एक खास वजह छिपी है, आइए आपको बताते हैं।
छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके में महिलाएं साड़ी के साथ ब्लाउज नहीं पहनती। बताया जाता है कि ये उनकी एक परंपरा है। कुछ दिनों पहले खबर मिली थी कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में कुछ लड़कियों ने ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया था, जिसकी वजह से उन पर परंपरा तोड़ने का आरोप लगाया गया।
बताया जाता है कि यह परंपरा 1000 सालों से चली आ रही है। छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिलाओं का कहना है, कि उन्हें बिना ब्लाउज के साड़ी पहन कर काम करने में आसानी होती है। खेतों में और बोझा उठाने में वे पूरी तरह से सहज रहती हैं। जंगली इलाकों में महिलाएं गर्मी की वजह से ब्लाउज नहीं पहनती।
बता दें शहरों में इस बिना ब्लाउज के साड़ी पहनने को गीतामार स्टाइल कहा जाता है। वैसे आजकल शहरों में भी बिना ब्लाउज के साड़ी पहनने का फैशन चल रहा है।
Updated on:
10 Aug 2018 04:56 pm
Published on:
10 Aug 2018 10:10 am
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