
Rakhi Sawant (फोटो सोर्स- Instagram/rakhisawant2511)
Rakhi Sawant Video After Non-Bailable Warrant: अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ झांसी की अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद उनकी मुश्किलें चर्चा में हैं। इसी बीच उनके दुबई में होने और भारत छोड़कर चले जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर राखी के दुबई में मजे करने की बातें कही जा रही हैं, जबकि उनके हालिया बयान में उन्होंने खुद को मेहनत करने में व्यस्त बताया है। हालांकि, उपलब्ध बयान के आधार पर यह पुष्टि नहीं होती कि वह वारंट जारी होने के बाद ही भारत से दुबई गई हैं।
यह मामला राखी सावंत के पुराने टीवी शो ‘राखी का इंसाफ’ से जुड़ा है। साल 2010 में लक्ष्मण अहिरवार नाम का एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद सुलझाने के लिए कार्यक्रम में पहुंचा था। आरोप है कि शो के दौरान राखी ने उसे अपमानजनक शब्द कहे थे। बाद में लक्ष्मण की आत्महत्या के बाद उनकी मां सावित्री ने शिकायत दर्ज कराई थी।
पीटीआई के मुताबिक, जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) मृदुल कांत श्रीवास्तव ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को राखी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। बताया गया कि कई बार बुलाए जाने के बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुई थीं। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को निर्धारित है।
वारंट जारी होने के बाद राखी सावंत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि 2010 के मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उनके मुताबिक, ‘राखी का इंसाफ’ एक चैनल का कार्यक्रम था और वह उसमें केवल होस्ट थीं। उन्होंने दावा किया कि शो में क्या बोलना है, यह चैनल के निर्देशों के मुताबिक तय होता था।
राखी ने यह भी कहा कि उन्हें लक्ष्मण अहिरवार के बारे में ठीक से याद नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद हुई घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है। अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं और पुराने मामले को फिर से उठाया जा रहा है।
अपने वीडियो में राखी ने कहा कि वह कानून का सम्मान करती हैं और झांसी पुलिस तथा अदालत के साथ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता के लिए जेल जाना पड़े तो वह इसके लिए तैयार हैं। अपने बयान में उन्होंने ‘भारत माता की जय’, ‘जय भीम’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए।
फिलहाल, राखी के दुबई में होने और वारंट के बाद भारत छोड़ने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इसे स्थापित तथ्य के बजाय चर्चा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। पुराने मामले में उनकी कानूनी स्थिति अब अदालत की आगामी सुनवाई और आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगी।
Updated on:
18 Oct 2026 02:57 pm
Published on:
18 Oct 2026 02:57 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
