
Sharmila Tagore (सोर्स- एक्स)
First Indian Actress To Wear Bikini: भारतीय सिनेमा का इतिहास कई ऐसे पलों से भरा हुआ है जिन्होंने समय के साथ समाज की सोच को भी बदलने का काम किया। 60 के दशक में एक ऐसा ही ऐतिहासिक मोड़ आया, जब एक अभिनेत्री ने परंपरागत छवि से बाहर निकलकर पर्दे पर ऐसा साहसिक कदम उठाया, जिसने बॉलीवुड में ग्लैमर और महिला अभिव्यक्ति की नई परिभाषा लिख दी। यह अभिनेत्री थीं शर्मिला टैगोर, जिनकी फिल्म 'एन ईवनिंग इन पेरिस' आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अध्यायों में गिनी जाती है।
1960 के दशक में हिंदी फिल्मों में नायिकाओं को अक्सर सादगी और पारंपरिक किरदारों तक सीमित रखा जाता था। उस दौर में आधुनिक पहनावे या खुली सोच को बड़े पर्दे पर दिखाना जोखिम भरा माना जाता था। ऐसे समय में शर्मिला टैगोर ने अपने किरदार के जरिए एक नई छवि पेश की। उन्होंने फिल्म में स्विमवियर पहनकर अभिनय किया, जो उस समय भारतीय दर्शकों के लिए बिल्कुल नया अनुभव था।
यह सिर्फ एक कॉस्ट्यूम नहीं था, बल्कि बदलते भारत और आधुनिक होती सोच का हिंट भी था। उनके इस फैसले ने सिनेमा जगत में बहस छेड़ दी- कुछ लोगों ने आलोचना की तो कई ने इसे साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक माना।
फिल्म की रिलीज के बाद उनकी लोकप्रियता और चर्चा तब और बढ़ गई जब उन्होंने एक प्रतिष्ठित फिल्म मैगजीन के कवर शूट में भी ग्लैमरस अंदाज अपनाया। उस समय यह कदम बेहद साहसी माना गया। इस घटना ने उन्हें सिर्फ अभिनेत्री ही नहीं बल्कि नई पीढ़ी की आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी महिला की पहचान दिलाई।
सिनेमा समीक्षकों का मानना है कि इस दौर के बाद हिंदी फिल्मों में नायिकाओं के किरदार धीरे-धीरे अधिक स्वतंत्र और आधुनिक होते गए। आने वाली अभिनेत्रियों के लिए यह एक रास्ता खोलने जैसा था।
फिल्म का निर्देशन मशहूर फिल्मकार शक्ति सामंत ने किया था, जो भावनात्मक और संगीतप्रधान फिल्मों के लिए जाने जाते थे। इस रोमांटिक थ्रिलर में शर्मिला टैगोर के साथ शम्मी कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए। दोनों की केमिस्ट्री और विदेशी लोकेशन पर फिल्माए गए सीन दर्शकों को बेहद पसंद आए।
कहानी रोमांस, रहस्य और रोमांच का मिश्रण थी, जिसने उस समय के दर्शकों को एक अलग सिनेमाई अनुभव दिया। फिल्म के गाने भी सुपरहिट रहे और आज भी पुराने संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।
इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी शूटिंग थी। उस दौर में भारतीय फिल्मों की शूटिंग विदेशों में बहुत कम होती थी, लेकिन इस फिल्म को यूरोप के खूबसूरत शहर पेरिस और आसपास के इलाकों में फिल्माया गया। एफिल टॉवर और यूरोपीय गलियों के दृश्य भारतीय दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक साबित हुए।
विदेशी लोकेशन ने फिल्म को अंतरराष्ट्रीय लुक दिया और बॉलीवुड में ग्लोबल शूटिंग ट्रेंड की शुरुआत करने वाली फिल्मों में इसका नाम शामिल हो गया। शर्
शर्मिला टैगोर की निजी जिंदगी भी उनकी फिल्मों की तरह ही काफी चर्चा में रही। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पटौदी रियासत के नवाब मंसूर अली खान पटौदी से शादी की थी। दोनों की मुलाकात 1960 के दशक में हुई और अलग-अलग पेशे तथा सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से होने के बावजूद उनकी दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई।
1969 में दोनों ने विवाह किया, जो उस समय बेहद चर्चित इंटरफेथ शादियों में गिनी गई। शादी के बाद शर्मिला टैगोर ने इस्लाम धर्म अपनाकर अपना नाम आयशा सुल्ताना रखा, हालांकि फिल्मों में वह अपने मूल नाम से ही सक्रिय रहीं। यह रिश्ता बॉलीवुड और क्रिकेट जगत के सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित संबंधों में माना जाता है, और दोनों की जोड़ी लंबे समय तक लोगों के लिए आदर्श बनी रही।
आज, जब हिंदी सिनेमा में ग्लैमर आम बात हो चुकी है, तब भी शर्मिला टैगोर का वह दौर ऐतिहासिक माना जाता है। उन्होंने यह साबित किया कि अभिनेत्री सिर्फ पारंपरिक छवि तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपने किरदारों के जरिए सामाजिक सोच को प्रभावित भी कर सकती है।
Published on:
01 Mar 2026 01:30 pm
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