इस मौके पर कैप्टन विक्रम बत्रा के भाई तो मौजूद थे, लेकिन उनके माता पिता की बूढ़ी आखें अपने बेटे के इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बन पाई थी। 22 साल पहले दिए गए जख्म को वे लोग आज भी नही भुला पाए हैं। हालांकि, फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद उन्होंने कहा है कि यह फिल्म एक सैनिक के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। हर मां-बाप के पास ऐसा बेटा हो यह सौभाग्य की बात है।