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सोनिया गांधी हुई ट्रोल, आशा भोसले की मौत के बाद लिखा था पत्र, कर बैठीं ये गलती

Sonia Gandhi Trolled After Asha Bhosle Death: आशा भोसले के निधन के बाद कई बड़ी हस्तियों नें पोस्ट कर सिंगर के परिवार को सांत्वना दी। ऐसे में सोनिया गांधी ने भी एक पत्र लिखकर आशा भोसले के घर भेजा, जिसके बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। उनसे पत्र में एक भारी चूक हो गई है।

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Sonia Gandhi Trolled After Asha Bhosle Death She Mentioned Singer Late Son in Her Letter

सोनिया गांधी हुई ट्रोल

Sonia Gandhi Trolled: दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन से पूरे देश और बॉलीवुड में मातम छाया हुआ है। खेल, सिनेमा और राजनीति से जुड़ी हस्तियां उनके परिवार को ढांढस बंधा रही हैं। उनके चाहने वाले इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर रहे हैं को तो कई उनके घर उनके बच्चों से मिलने पहुंच रहा है। इसी बीच कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने भी आशा जी के बेटों को एक शोक पत्र भेजा। जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ट्रोल करने लगे, ऐसा इसलिए क्योंकि सोनिया गांधी ने जो पत्र भेजा उसमे एक बड़ी चूक कर बैठीं। जिसे लेकर अब सोशल मीडिया पर कांग्रेस और सोनिया गांधी की जमकर खिंचाई हो रही है।

सोनिया गांधी हो रही ट्रोल (Sonia Gandhi Trolled After Asha Bhosle Death)

दरअसल, सोनिया गांधी ने अपने पत्र की शुरुआत "प्रिय आनंद और हेमंत" लिखकर की। यहीं उनसे बड़ी गलती हो गई। जानकारी के लिए बता दें कि आशा भोसले के बड़े बेटे हेमंत भोसले का निधन साल 2015 में ही कैंसर की वजह से हो चुका है। एक दिवंगत व्यक्ति के नाम शोक पत्र संबोधित किए जाने पर लोग भड़क गए हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे कांग्रेस की "लापरवाही" और "संवेदनहीनता" करार दे रहे हैं।

लोगों का कहना है कि जब कोई राष्ट्रीय स्तर का नेता किसी प्रतिष्ठित परिवार को पत्र लिखता है, तो उसके तथ्यों की जांच क्यों नहीं की जाती? एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "कांग्रेस ने अब राजनीति में बने रहने की इच्छाशक्ति खो दी है, तभी ऐसी हास्यास्पद गलतियां हो रही हैं।" वहीं एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि सरकारी संचार में इतनी गंभीर चूक को मंजूरी कैसे मिल गई?

शोक पत्र में क्या लिखा था सोनिया गांधी ने? (Sonia Gandhi on Asha Bhosle Death)

गलती को अगर एक तरफ रख दें, तो सोनिया गांधी ने आशा जी के प्रति काफी सम्मानजनक शब्द लिखे थे। उन्होंने लिखा, "आपकी माता के निधन से संगीत के स्वर्णिम युग का अंत हो गया है। वह एक ऐसी महान हस्ती थीं, जिनके गीतों ने लाखों लोगों को खुशी दी। उनकी आवाज अद्वितीय थी और उनके माध्यम से व्यक्त की गई भावनाएं सार्वभौमिक थीं।"

सोनिया गांधी ने आगे लिखा कि आशा जी एक राष्ट्रीय धरोहर थीं और उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप तक हर शैली में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से इस अपार दुख को सहने की शक्ति मांगी।

गलतियों का सिलसिला? (Sonia Gandhi wrote letter to Asha Bhosle sons following her passing)

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस अपनी लिखावट या तारीखों को लेकर विवादों में है। हाल ही में लोकसभा से जुड़े एक प्रस्ताव में भी तारीखों की बड़ी गलती सामने आई थी। आलोचकों का कहना है कि आशा भोसले जैसी महान हस्ती के परिवार को भेजे गए पत्र में ऐसी गलती यह दर्शाती है कि इसे बिना किसी गंभीरता के तैयार किया गया है। फिलहाल, इस विवाद पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह 'चूक' इस समय चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।