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सिर्फ 15 दिन में बनी, बिना स्क्रिप्ट की ये साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म, हर सीन में है खतरनाक सस्पेंस

Psychological Horror Movie: अनुराग कश्यप की फिल्म 'कौन' एक ऐसी साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म है, जो महज 15 दिनों में बिना किसी स्क्रिप्ट के तैयार की गई थी। फिल्म में हर सीन खतरनाक सस्पेंस से भरा हुआ है…
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सिर्फ 15 दिन में बनी ये बिना स्क्रिप्ट वाली साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म, हर सीन में है खतरनाक सस्पेंस

साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म (फोटो सोर्स: X)

Psychological Horror Movie: अनुराग कश्यप की नई फिल्म 'निशानची' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, जिसमें उन्होंने एक बार फिर अपना पसंदीदा गैंग्स और गन वाला अंदाज दिखाया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनुराग कश्यप ने एक ऐसी फिल्म भी बनाई थी, जिसकी कोई स्क्रिप्ट नहीं थी, कोई तैयारी नहीं थी, फिर भी वो फिल्म लोगों को खूब पसंद आई?

बिना स्क्रिप्ट की ये साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म

हम बात कर रहे हैं 1999 में रिलीज हुई साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्म 'कौन' की। इस फिल्म को अनुराग कश्यप ने लिखा था और इसमें उर्मिला मातोंडकर ने लीड रोल निभाया था। सबसे मजेदार बात ये है कि फिल्म में सिर्फ तीन एक्टर थे, उर्मिला मातोंडकर, मनोज बाजपेयी और सुशांत सिंह।

दरअसल, 'कौन' में उर्मिला मातोंडकर के किरदार का कोई नाम नहीं था, उन्हें पूरी फिल्म में सिर्फ 'मैम' कहकर बुलाया जाता है। राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म के स्क्रीनप्ले को लेकर अनुराग कश्यप ने कहा था कि वो खुद की लिखी पटकथा से खुश नहीं थे और फिल्म रिलीज होने के 2 दिन बाद ही उससे ऊब गए थे।

हर सीन में है खतरनाक सस्पेंस

इसके साथ ही एक इंटरव्यू में सुशांत सिंह ने बताया था कि 'कौन' फिल्म का तैयार तो जरूर था, लेकिन कोई बाउंस स्क्रिप्ट नहीं थी। डायलॉग वगैरह कुछ भी रेडी नहीं थे। वे सेट पर जाते थे और सीन को इम्प्रोवाइज करते थे। 'कौन' फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों दोनों ने पसंद किया था। बता दें कि ये फिल्म अपनी अनूठी कहानी कहने के अंदाज और सस्पेंस से भरपूर माहौल के कारण आज भी याद की जाती है। अनुराग कश्यप ने दिखा दिया कि बिना स्क्रिप्ट के भी एक बेहतरीन फिल्म बनाई जा सकती है।

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