मैं शोर मचाता तो वो गोली मार देते- जब चंबल के डाकुओं से घिर गए अक्षय कुमार

By: Sunita Adhikari
| Published: 22 Sep 2021, 02:33 PM IST
मैं शोर मचाता तो वो गोली मार देते- जब चंबल के डाकुओं से घिर गए अक्षय कुमार
Akshay Kumar

एक वक्त ऐसा भी आया जब अक्षय कुमार को चंबल के डाकुओं का भी सामना करना पड़ा था। इस बारे में खुद अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने बताया कि जब उनका सामना डाकुओं से हुआ तो वह सोने की एक्टिंग करने लगे।

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार अक्षय कुमार की करोड़ों में फैन फॉलोइंग है। उन्हें दुनियाभर में लोग जानते हैं। आज उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर करोडों का कारोबार करती हैं। हालांकि, सक्सेस से पहले अक्षय कुमार ने बहुत स्ट्रगल किया है। एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें चंबल के डाकुओं का भी सामना करना पड़ा था। इस बारे में खुद अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने बताया कि जब उनका सामना डाकुओं से हुआ तो वह सोने की एक्टिंग करने लगे और वो लोग उनका सारा सामान उठाकर ले गए।

दरअसल, अक्षय कुमार ने अनुपम खेर के शो ‘कुछ भी हो सकता है’ में इस किस्से के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि एक वक्त ऐसा था कि जब उनके पास काम नहीं था तो वह कुछ भी करने को तैयार थे। वह ट्रेवेल एजेंसी से लेकर खाना बनाने तक का काम कर चुके थे। अक्षय ने कहा कि वह बस सरवाइव करना चाहते थे। ऐसे में उन्हें जो कुछ काम मिलता था वह उसे करने के लिए तुरंत तैयार हो जाते थे।

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इसके बाद एक किस्सा शेयर करते हुए एक्टर ने बताया, ‘मैं फ्रंटियर मेल में यात्रा कर रहा था, मैं बॉम्बे से काफी शॉपिंग कर के निकला था। मैंने करीब ४ से ५ हजार की शॉपिंग की हुई थी। उसमें मेरे कुछ कपड़े भी थे। सारा सामान अपने पास रखकर मैं ट्रेन में सफर कर रहा था। लेकिन तभी चंबल के डाकू आ गए।'

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अक्षय ने आगे बताया, 'मैं अपनी बोगी में सो रखा था। ट्रेन में जरा सी भी आवाज होती है तो आंख खुल जाती है। ऐसे में कुछ खटपट हुआ तो मेरी भी आंख खुल गई। मैंने देखा कि हमारी बोगी में डाकू आ गए थे। मैंने खुद से कहा- बेटे अब कुछ मत बोलना। मैं देख रहा था कि वह सबका सामान उठा रहे थे। उसके बाद वो लोग मेरे पास आ गए। उन्होंने मेरा भी सारा सामान ले लिया। उस वक्त अगर मैं शोर करता तो वो मुझे गोली मार देते। मैं सोने की एक्टिंग कर रहा था, पर मैं रो रहा था। वो मेरा सारा सामान ले गए। उस बोगी में जितने लोग थे उन सबका सामान वो उठा ले गए। मेरे पास मेरी चप्पल तक नहीं छोड़ी उन्होंने। मैं बिना सामान के दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरा था।'