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अजब-गजब: Bulandshahr में पहले आया चक्रवात, फिर हुई ‘बर्फबारी’, दिखा कश्‍मीर जैसा नजारा

Highlights तीन गांवों में चक्रवात से एक दर्जन लोग घायल जहांगीराबाद इलाके के बिबयाना ताल में जमकर पड़े ओले मैदानी इलाके में हुई 'बर्फबारी' ने लोगों को चौंकाया

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बुलंदशहर। मौसम ने होली के बाद ऐसी करवट बदली है कि हर कोई हैरान है। बुलंदशहर में पहली बार शुक्रवार को ऐसी 'बर्फबारी' हुई कि वहां कश्‍मीर जैसा नजारा दिखा। 'बर्फबारी' से पहले बुलंदशहर में चक्रवात ने दस्‍तक दी थी, जिस कारण कई लोग घायल भी हुए थे। मौसम विभाग ने शनिवार को भारी बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना जताई है।

तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि

बुलंदशहर समेत पूरे पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में कई जगह शु्क्रवार को तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। शाम को बुलंदशहर के तीन गांवों में चक्रवर्ती तूफान ने दस्‍तक दी। सूरजपुर टिकरी, ख़िदरपुर और प्रेमपुर में तूफानी बवंडर की वजह से दो दर्जन से मकानों की दीवारें और छत गिर गईं। इससे एक दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल भी हो गए। चक्रवाती तूफान की चपेट में आकर विशालकाय पेड़ तक उखड़ गए थे। अभी लोग तूफान से संभले भी नहीं थे कि बुलंदशहर के जहांगीराबाद इलाके के बिबयाना ताल में जमकर ओले पड़े। इसके बाद ऐसा लगा जैसे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। मैदानी क्षेत्र में हुई 'बर्फबारी' की इस घटना की खबर इलाके मे आग की तरह फैल गई। मार्च में मैदानी इलाके में इस तरह हुई 'बर्फबारी' ने लोगों को चौंकने पर मजबूर कर दिया।

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यह है वजह

मौसम विशेषज्ञ डॉ. विवेक राज का कहना है कि भौगोलिक उथल-पुथल के चलते तेज हवा चक्रवाती तूफान में बदल गई थी। दरअसल , कई बार हवा का कम दवाब होने से हवा का झोंका भी तूफान का रूप ले लेता है। इनसे काफी नुकसान होने की आशंका रहती है।

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मौसम का पूर्वानुमान

वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में शनिवार यानी 14 मार्च को भी तेज बारिश होने की संभावना है। इस बीच ओले गिरने के साथ ही 30-40 की रु्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। इसके बाद रविवार को बादल छाए रह सकते हैं। 16 मार्च से मौसम साफ रहेगा। स्‍काईमेट वेदर के मुताबिक, 14 मार्च क ी शाम तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 15 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ पूरब में चला जाएगा। चक्रवाती निष्क्रिय भी हो जाएगा। 16 मार्च के बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी।