
बुलन्दशहर. साहित्य और किताबों में भले ही प्यार का महिमामंडन किया जाता हो, लेकिन असल जिंदगी में यही प्यार कभी-कभी जानलेवा साबित होता है। न सिर्फ इतिहास के पन्नों में दर्ज प्यार के मतवालों की कहानी हमें ये बताती है, बल्कि आज के दौर में भी प्यार करना आसान काम नहीं है। प्यार करने को इतना बड़ा गुनाह समझा जाता है कि लोग जान तक लेने से गुरेज नहीं करते। वहीं, कभी कभी प्यार के मतवालों को इस हद तक मजबूर कर दिया जाता है कि वह अपनी जीवन लीला खुद ही समाप्त कर लेते हैं। ऐसा ही एक मामला बुलंदशहर जिले के सिकन्द्राबाद कोतवाली क्षेत्र में सामने आया है। सिकन्द्राबाद कोतवाली क्षेत्र में एक दलित प्रेमी युग्ल ने जहर खाकर एक साथ जान दे दी। मृतकों के परिजनों ने प्रेमी युगल के शवों का चुपचाप अन्तिम संस्कार कर दिया। हालांकि, सीओ सिकन्द्राबाद ने दावा किया है कि मामले की तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, सिकन्द्राबाद के मौहल्ला झारखण्डी निवासी 18 वर्षीय एक दलित युवती का मौहल्ले के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया जाता है कि प्रेमी युगल आपस में बेपनाह मुहब्बत करता था और दोनों के ही परिजन उनकी मुहब्ब्त को स्वीकार नही कर रहे थे। दोनों की अचानक मौत के बाद इलाके में इस तर की चर्चा है कि दोनों जब साथ जी न सके तो फिर मरने का फैसना कर लिया। इसके बाद दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में रात को ही प्रेमी युगल को उनके परिजन एक प्राइवेट अस्पताल में ले जा रहे थे। लेकिन रास्ते में प्रेमी युगल ने दम तोड़ दिया। आन-फालल में तड़के ही दोनों का अन्तिम संस्कार चुपचाप तरीके से कर दिया गया। सीओ सिकन्द्राबाद दीक्षा सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने पर ही जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इस वाकिये से इतना तो साफ है आज भी लोग अपनी झूठी शान और मान्यताओं की रक्षा के लिए अपने जिगर के टुकड़े की जिंदगी को भी दांव पर लगाने को तैयार हैं। लेकिन, इस प्रेमी युगल ने ये खतरनाक कदम उठाकर अहम में जी रहे अपने परिजनों को ये संदेश तो दे दिया कि झूठी शान के लिए दो सच्चे प्रेमी को रोका नहीं जा सकता है। अगर वह समाज की बंदिशों की वजह से साथ जी नहीं सकते तो साथ मौत को तो गले लगा ही सकते हैं।
Published on:
30 Apr 2018 06:27 pm
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