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बुलंदशहर हिंसा: शहीद सुबोध सिंह की छवि के दो पहलू, आप खुद तय करें, क्या सही और क्या गलत

3 नवंबर को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र में कथित गोवंश मिलने की अफवाह पर हुई हिंसा के बाद देशभर में ये चर्चा का विषय बना हुआ है।

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बुलंदशहर हिंसा: शहीद सुबोध सिंह के छवि के दो पहलू, आप खुद तय करें, क्या सही और क्या गलत

नोएडा। 3 नवंबर को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र में कथित गोवंश मिलने की अफवाह पर हुई हिंसा के बाद देशभर में ये चर्चा का विषय बना हुआ है। इस झंकझोर देने वाली घटना में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक छात्र सुमित की मौत हो गई। वहीं इसके बाद से लगातार मामला सुर्खियों में बना हुआ है। एक तरफ पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है तो वहीं गुरुवार को दिवंगत सुबोध सिंह का परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। इस दौरान पीड़ित परिवार की सभी मांगों को मानते हुए सरकार उन्हें 50 लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का खर्चा देगी। अब इस बीच दिवंगत इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की छवि को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह पोस्ट वायरल हो रही हैं। किसी में उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं तो किसी में उन्हें ईमानदार छवि वाला पुलिस अधिकारी बताया गया है।

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सोशल मीडिया पत्र हो रहा वायरल

सोमवार को हुई हिसं से दो दिन पहले बुलंदशहर सांसद को स्याना क्षेत्र के भाजपा नेताओं द्वारा लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। इस पत्र में कहा गया कि इंस्पेक्टर का व्यवहार जनता के प्रति अभद्र है और पिछले कुछ समय से क्षेत्र में चोरी, पशु चोरी, अवैध कटान जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं। क्षेत्र में वाहन चेकिंग के नाम पर नगर वासियों को गलत तरीके से परेशान किया जा रहा है और अवैध वसूली की जा रही है। हिंदुओं के धार्मिक कार्यों के आयोजन में अड़चन पैदा की जा रही हैं, इससे हिंदू समाज में आक्रोश पनप रहा है। इस पत्र में सांसद से मांग की गई है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों का तत्काल स्थानान्तरण करा कर इनके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई कराई जाए।

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बता दें कि इस पत्र में 1 दिसंबर 2018 की तारीक है जिसे भाजपा नेताओं द्वारा सांसद डा.भोला सिंह को भेजा गया था। इसके बारे में भाजपा सांसद डा.भोला सिंह ने बताया कि स्याना क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने 1 दिसंबर को इंस्पेक्टर की खराब कार्यशैली को लेकर पत्र भेजा गया था, जिसे एसएसपी को भेजकर पूरे मामले से अवगत करा दिया गया था। बावजूद इसके पुलिस अधिकारियों की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया।

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वर्ष 2017 के किस्से से सुबोध कुमार को बताया ईमानदार

सुबोध कुमार से संबंधित मथुरा पुलिस का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसका जिक्र करते हुए शहीद सुबोध कुमार को ईमानदार बताया गया है। दरअसल, जब सुबोध कुमार मथुरा के थाना सदर बाजार में तैनात थे तो उन्हें आगरा की रहने वाली एक महिला का पर्स रास्ते में पड़ा मिला था। जिसमें सोने की चार चूड़ियां और 30 हजार रुपये नगद थे। उसमें एक पर्ची थी, जिस पर एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। इस नंबर पर सुबोध कुमार सिंह ने फोन कर महिला को पर्स लौटाया। जिसे बाद उनकी ईमानदारी की खूब वा-वाही हुई। इसका जिक्र मथुरा पुलिस ने ट्वीट कर किया था और इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की तारीफ की गई थी।

कोबरा पोस्ट के स्टिंग में भी दिखे सुबोध कुमार सिंह

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना प्रभारी थे। इस दौरान दादरी में हुए अखलाक हत्याकांड में वह जांच अधिकारी और गवाह नंबर-7 थे। सुबोध कुमार ने 28 सितंबर 2015 से 9 नवंबर 2015 तक इस मामले की जांच की थी। हालांकि, जांच के दौरान ही सुबोध कुमार का वाराणसी तबादला कर दिया गया था। इस दौरान कोबरा पोस्ट ने उनका एक स्टिंग किया था। जिसमें उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं और तत्कालीन अखिलेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं इस स्टिंग के माध्यम से सुबोध कुमार को ईमानदार अधिकारी बताया गया है।

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बुलंदशहर हिंसा के मुख्या आरोपी ने देखें क्या कहा-

इस स्टिंग में सुबोध कुमार सिंह ने कोबरा पोस्ट को बताया कि दादरी-स्थित पशु चिकित्साधिकारी ने अपनी रिपोर्ट को दवाब के चलते बदल दिया था। इस स्टिंग में वह कहते नजर आ रहे हैं, “समाजवादी पार्टी वाली सरकार थी तो हम लोगों और डॉक्टर पर यह दबाव बनाया गया कि उस मीट को बदल दिया जाए जो मौके से मिला था और उसकी जगह दूसरा मीट रख दिया जाए। लेकिन हमने तो मना कर दिया कि हम नहीं कर पाएंगे। इस स्टिंग में दावा किया था कि अखलाक के घर पर गौ मांस मिला था। जिसे दबाव में बदलवा दिया गया।