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बुलंदशहर। बुलंदशहर की नगर पालिका और नगर पंचायतों पर बसपा पहले नंबर की पार्टी बनकर उभरी है। ऐसे में भाजपा को काफी नु्कसान हुआ है। बता दें कि जिले की सातों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। वहीं, भाजपा के दो सांसद भी बुलंदशहर में हैं। अब बसपा के प्रदर्शन से भाजपाइयों में हलचल बढ़ गई है। बढ़े भी क्यों न, जिले के सभी विधायकों व सांसदों का जादू बसपा की सोशल इंजीनियरिंग के सामने फेल हो गया। दलित व मुस्लिम ने हाथी की सवारी करके भाजपाइयों के चेहरों पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी हैं।
विधायकों व सांसदों ने की चुनावी सभा
जिले की सभी सातों विधानसभा व दोनों सांसद सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि आसीन हैं। इसके चलते भाजपा ने निकाय चुनाव में भी विधानसभा व लोकसभा चुनाव की भांति परिणाम आने के सपने देखे। पार्टी पदाधिकारियों ने सातों विधानसभा व दोनों सांसदों को जिम्मेदारी भी सौंपी। इससे लगा कि जिले की 17 निकाय सीटों में से अधिक से अधिक सीटों पर भगवा फहराएंगे। हालांकि, अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों को जिताने के लिए भाजपा के सांसद व विधायक बैठक व चुनावी सभा भी करते रहे, लेकिन बसपा की सोशल इंजीनियरिंग के सामने उनका जादू फेल हो गया।
आधी सीट भी नहीं दिला सके भाजपा सांसद व विधायक
सात विधायक व दो सांसद मिलकर भी जिले में पार्टी को 17 में से आधी भी सीट नहीं दिला सके। भले ही बुलंदशहर नगर पालिका सीट पर बसपा तीसरे नंबर पर रही हो, लेकिन 17 में से आठ सीटों पर हाथी की मस्त चाल का जलवा फिर से दिखा दिया है। दलित व मुस्लिम के साथ ही पिछड़ों ने भी हाथी की सवारी करके भाजपाइयों की रंगत उड़ा दी। इससे भाजपाइयों को आगामी लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन को लेकर माथा-पच्ची करने को मजबूर होना पड़ सकता है। पार्टी का यह प्रदर्शन लोकसभा चुनाव के लिए खतरे की घंटी है।
Published on:
02 Dec 2017 11:56 am
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