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Bundi Utsav 2022: 11 नवंबर से होगा बूंदी महोत्सव का आगाज, रस्सा कसी और साफा बांधना समेत ये कुछ रहेगा खास

राजस्थान के बूंदी जिले में 11 से 13 नवंबर तक आयोजित हाड़ौती का पर्यटन पर्व बूंदी महोत्सव लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर होगा। महोत्सव के आयोजन के लिए तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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बूंदी

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Santosh Trivedi

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Updated: 2 Nov 2022, 12:50 PM IST

Bundi Utsav 2022

Bundi Utsav 2022 Date: राजस्थान के बूंदी जिले में 11 से 13 नवंबर तक आयोजित हाड़ौती का पर्यटन पर्व बूंदी महोत्सव लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर होगा। महोत्सव के आयोजन के लिए तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा है। तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान जिलेभर में विविध रंगारंग मनोहारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बूंदी महोत्सव 2022 का आगाज 11 नवम्बर को गढ़ पैलेस में सुबह साढ़े आठ बजे गणेश पूजन एवं ध्वजारोहण के साथ होगा।



शोभायात्रा में झलकेगा विरासत का वैभव
महोत्सव के कार्यक्रमों की श्रृखंला में पहले दिन 11 नवंबर को सुबह 9 बजे गढ़ पैलेस से शोभायात्रा निकाली जाएगी। महोत्सव में इस बार शोभायात्रा मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगी। शोभायात्रा खेल संकुल पर सम्पन्न होगी। यहां पर सुबह 11 बजे से विविध परम्परागत प्रतियोगिताएं होंगी। इसके तहत रस्सा कसी, मूंछ, साफा बांधना, पणिहारी दौड़ आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं शाम 4.30 बजे नवलसागर झील किनारे पुलिस बैण्ड वादन होगा। तत्पश्चात शाम साढे़ पांच बजे नवलसागर झील में दीपदान कार्यक्रम भी होगा।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में शाम 7 बजे ऐतिहासिक 84 खंभों की छतरी पर बूंदी के स्थानीय लोक कलाकारों की ओर से नाट्य मंचन किया जाएगा। रात 8 बजे 84 खंभों की छतरी पर लोक कलाकारों द्वारा द्ममन मोहकद्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसके आतिशबाजी के नजारे देखने को मिलेंगे।

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होगी मान-मनुहार
बूंदी महोत्सव के दूसरे दिन 12 नवंबर को भी लोकानुरंजन कार्यक्रमों का दौर जारी रहेगा। इसके तहत दोपहर 1 बजे सुखमहल में द्ममान मनुहारद्य कार्यक्रम होगा। इसमें देशी विदेशी पावणों की देसी पकवानों से मान मनुहार की जाएगी। कार्यक्रमों की श्रृखंला में शाम 3 बजे कुंभा स्टेडियम प्रांगण में उद्योग एवं हस्तशिल्प मेला का उद्घाटन होगा। 84 खंभों की छतरी पर 7.30 बजे से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें सवाई भाट, उर्वसी अरोडा एवं हिरेन त्रिवेदी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम की समाप्ति पर आतिशबाजी भी होगी।



संरक्षित स्मारकों पर रहेगा निशुल्क प्रवेश
बूंदी महोत्सव-2022 के उपलक्ष में 11 से 13 नवंबर तक जिले के संरक्षित स्मारकों पर देशी-विदेशी पर्यटकों, आगन्तुकों के लिए निशुल्क प्रवेश की सुविधा रहेगी। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बताया कि संरक्षित स्मारक यथा रानीजी की बावडी, 84 खंभों की छतरी, सुखमहल एवं राजकीय संग्रहालय बूंदी में आगन्तुक देशी-विदेशी पर्यटकों व आमजन का प्रवेश निशुल्क रहेगा।

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अभयपुरा बांध का निरीक्षण किया
देशी-विदेशी पर्यटकों, आगन्तुको के पर्यटन ईको ज़ोन स्थापित करने के लिए अभयपुरा बांध का निरीक्षण किया, साथ ही पक्षियों को देखने के लिए केंद्र स्थापित करने, आईलैंड पर पर्यटकों के लिए व्यवस्थाओं का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने बूंदी महोत्सव के आयोजन के उपलक्ष में बिजोलिया घाटा में पर्यटक के बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसी दौरान जिला कलक्टर ने लवकुश वाटिका में पौधारोपण किया तथा रॉक पेंटिंग का मुआयना किया ।



जिलेभर में बिखरेगा महोत्सव का रंग
बूंदी महोत्सव के तहत जिले के उपखण्ड मुख्यालयों सहित अन्य स्थानों पर उत्सवी रंग देखने को मिलेंगे। बूंदी महोत्सव की पूर्व संध्या पर 10 नवंबर को शाम 5 बजे रॉक पेटिंग साइट गरडदा गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। महोत्सव के तहत 11 नवम्बर को इन्द्रगढ़, 12 नवम्बर को लाखेरी एवं नैनवां तथा 13 नवंबर को हिण्डोली में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा इसी दिन केशवरायपाटन में रोनु मजुमदार द्वारा बांसुरी वादन की प्रस्तुति दी जाएगी।