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वैक्सीन लगवाने के बाद भी गायों में फैल रहा लम्पी रोग

बरसात का दौर रुकने के साथ ही पशुपालकों व किसानों को गोधन में फैली संक्रामक लम्पी बीमारी ने चिंता में डाल दिया है। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में एक सप्ताह से गायों में लम्पी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के मंगाल, गरनारा, गुढ़ानाथावतान रामनगर आदि गांवों में गोवंश के लम्पी रोग से पीडि़त होने की सूचना है।

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वैक्सीन लगवाने के बाद भी गायों में फैल रहा लम्पी रोग

संक्रामक लम्पी बीमारी से पीडि़त गाये

गुढ़ानाथावतान. बरसात का दौर रुकने के साथ ही पशुपालकों व किसानों को गोधन में फैली संक्रामक लम्पी बीमारी ने चिंता में डाल दिया है। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में एक सप्ताह से गायों में लम्पी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के मंगाल, गरनारा, गुढ़ानाथावतान रामनगर आदि गांवों में गोवंश के लम्पी रोग से पीडि़त होने की सूचना है। अकेले मंगाल गांव में ही दो दर्जन गायों में बीमारी फेल चुकी है। पशुपालक शंकर गुर्जर की एक दर्जन गायें लम्पी से पीडि़त है तथा कुछ गायों ने तो चारा पानी भी छोड़ दिया है। पशुपालक ने बताया कि उसने सभी गायों के लम्पी वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सीन लगवाई थी, लेकिन फिर भी बीमारी हो गई है। गायों में बीमारी फैलने की सूचना पर पशुधन सहायक मौके पर पहुंच कर इलाज भी कर रहे हैं, लेकिन पशु चिकित्सक या कोई एक्सपर्ट की टीम अभी तक गांवों में नहीं पहुंची है, जिससे बीमारी के फैलने का खतरा बढ़ गया है। पशुपालक किसान अपने स्तर पर ही पशुओं का इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं।

अनुपयोगी साबित हुआ पशु चिकित्सालय
बूंदी-चित्तौड़ मार्ग स्थित रामनगर में करीब दो वर्षों से राजकीय पशु चिकित्सालय चल रहा है और यहां पशु चिकित्सक सहित स्टाफ भी लगा दिया है, लेकिन क्षेत्र के पशुपालकों के लिए यह अनुपयोगी साबित हो रहा है। क्षेत्र के लोगों को जानकारी ही नहीं
है कि इस इलाके में कोई पशु चिकित्सालय भी है।
इस पशु चिकित्सालय का संचालन रामनगर कंजर कॉलोनी के बंद पड़े स्कूल भवन में किया जा रहा है। लोगों की लंबे समय से पशुओं की अधिकता वाले व लोगों की सहज पहुंच वाले बड़े कस्बे गुढ़ानाथावतान में पशु चिकित्सालय खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पशुपालकों को अभी तक निराशा ही हाथ लगी है।

बेसहारा गायों का कैसे होगा उपचार
गायों में फेल रही संक्रामक लम्पी बीमारी से सडक़ों पर बैठी गोवंश भी चपेट में आने लगी है, लेकिन अभी तक उनका इलाज शुरू नहीं हो सका है, जो मवेशी पशुपालकों ने घरों या खेत खलिहानों में पाल रखे हैं उनकी तो बीमारी का पता चलते ही इलाज भी करवा रहे हैं, लेकिन जो गायें बेसहारा सडक़ों पर बैठी रहती है उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। बूंदी चित्तौड़ मार्ग पर रामनगर, कंजर कॉलोनी, टोल प्लाजा आदि जगहों पर रात्रि के समय बड़ी संख्या में गोवंश सडक़ों पर बैठा रहता है। यहीं हाल अन्य राजमार्गों व शहरों की सडक़ों व गलियों का है।

इनका कहना है
गायों में लंपि बीमारी की रोकथाम के लिए वैक्सीन लगवाई थी फिर भी हम सतर्क होकर पीडि़त पशुओं का इलाज कर रहे हैं। सर्वे करवाकर इसको फैलने से रोकने का प्रयास करेंगे।
डॉ. राम लाल मीणा, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, बूंदी