
बूंदी. फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि का व्रत और जागरण करने का विधान है। इस बार पंचागो में मतभेद होने के कारण आमजन में असमंजस की स्थिति है।
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पंडितो के अनुसार देश के ज्यादातर हिस्सों में 13 को मनाई जाएगी। इलाहाबाद, कानपुर, कोलकता, बिहार,उड़ीसा,पश्चिम बंगाल,छत्तीसगढ़ में 14 फरवरी क? शिवरात्रि ?? मानेगें। ज्योतिषाचार्य के अनुसार निशीय व्यापीनी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाश्विरात्रि मनाई जाती है।
13 को पर्व मनाना इसलिए शास्त्र सम्मत-
ज्योतिशाचार्य अमित जैन के अनुसार निशीय व्यापनी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार 13 फरवरी को आंशिक निशीय काल रहेगा। इसलिए 13 को ही महाशिवरात्रि मनाना शास्त्र सम्मत है।
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वैष्णव संप्रदाय के लोग सूर्योदय कालीन तिथि को मान्यता देते है ऐसे में कुछ स्थानों पर 14 फरवरी को पर्व मनेगा। राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र,पंजाब गुजरात, कर्नाटक में 13 को मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा।महाशिवरात्रि को देखते हुए शिवालयों मे जोर शोर से तैयारी चल रही है।
विशेष महत्व-
कर्पूर से आरती करने पर कष्ट दूर होते है। घर से आरती करने पर मानसिक शुद्धि होती है।
सरसों तेल के दीपक से आरती शत्रु समाप्त करती है।
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर पूजन का समय-
प्रथम प्रहर-सांय6-13 बजे से रात्रि 9.26 तक
द्वितीय प्रहर- रात्रि 9.27 से रात्रि 12.40 े तक
तृतीय प्रहर- रात्रि 12.41 से 3.54 तक
चतुर्थ प्रहर- रात्रि 3.55 से प्रात:7.8 तक
निशीय काल मध्यरात्रि 12.15 से 1.7 तक
Published on:
06 Feb 2018 08:20 pm
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