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पंचों को फटकार! गलती से अंडा फूटने पर बच्ची को सजा, तो आपसे हजारों चींटियां मरीं उसकी सजा क्या हो?

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बूंदी

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Nidhi Mishra

Jul 12, 2018

Manan Chaturvedi met panch who boycot 6 years girl in Bundi

Manan Chaturvedi met panch who boycot 6 years girl in Bundi

बसोली (बूंदी)। महिला एवं बाल विकास संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी गुरूवार को हिंडोली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सथूर स्थित हरिपुरा गांव पहुंची। यहां उन्होंने उन पंचों से मुलाकात की, जिन्होंने 6 साल की बच्ची से टिटिहरी के अंडे फूटने के कारण उसे सामाजिक बहिष्कार की सजा दी थी। मनन ने पंचों को लताड़ लगाई और उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए पाबंद किया।


पंचों को डांटते हुए उन्होंने कहा कि अंधविश्वास के चलते एक बच्ची को उसके मां बाप से दूर नहीं किया जा सकता। उदाहरण देते हुए मनन बोलीं कि एक बच्ची के पैर से गलती से अंडा टूट गया, आपके पैर से तो कई चींटियां मर रही होंगी। वो जीव जो आंखों से दिखाई नहीं देते, उनकी हत्या तो रोज आप अनजाने में करते हैं। ऐसे में आपको क्या सजा दी जाए...?


पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मनन ने कहा कि गांव में और भी दूसरी समस्याएं हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता एफआईआर दर्ज करवाकर इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। मनन ने ऐसी घटनाओं का कारण सामाजिक जागरूगता का अभाव बताया। उनका कहना था कि सरकार ने हर स्तर पर ऐसे लोगों को नियुक्त किया, जिनसे पीड़ित शिकायत कर सकते हैं, लेकिन जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक ऐसी घटनाएं बंद नहीं होंगी। इस केस में भी किसी पड़ोसी या ग्रामीण ने सही व्यक्ति तक बात पहुंचाने की कोशिश नहीं की।

ये है पूरा मामला
यह मामला है हिंडोली उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत सथूर में स्थित हरिपुरा गांव का। हरिपुरा निवासी हुकमचंद रैगर ने बताया कि दो जुलाई को उसकी छह वर्षीय पुत्री खुशबू अपनी माता के साथ विद्यालय में नामांकन के लिए गई थी। वहां पर दूध पिलाने के लिए बालिकाओं की लाइन लग रही थी। इसी दौरान अचानक खुशबू का पैर टिटहरी के अंडे पर पड़ गया, जिससे अंडा फूट गया।

माना अपशुकन...पंच-पटेलों की बैठक
अपशकुन मान गांव के पंच-पटेलों ने बैठक बुलाई और मासूम बालिका को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया। बालिका के घर के अंदर प्रवेश करने पर रोक लगा दी। कहा गया कि गायों को चारा, मछलियों को आटा, कबूतरों को ज्वार डाले और एक किलो सिके हुए चने, एक किलो नमकीन और अंग्रेजी शराब की बोतल पंचायत को दी जाए। इसके बाद बालिका के खाने-पीने के बर्तन अलग कर दिए। पंच-पटेलों के फरमान के चलते पिता तेज गर्मी में पिछले नौ दिन से अपने पुत्री को लेकर घर के बाहर बने बाड़े में रह रहा था।

गोशाला संचालक ने दी प्रशासन को सूचना
हुकमचंद गोशाला में कार्य करता है। इसकी जानकारी मिलने पर गोशाला संचालक नितेश गांधी पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। बुधवार को तहसीलदार भावना सिंह व थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह मौके पर पहुंचे और बालिका को घर के अंदर प्रवेश करवाया। अधिकारियों ने पंच पटेलों को इस तरह के फैसले नहीं करने के लिए पाबंद किया।

अफसरों की मौजूदगी में रस्म अदायगी
अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों व परिजनों ने मासूम बालिका को घर के अंदर प्रवेश करवाया। इससे पहले गांव में चने बांटे गए एवं परिवार के जंवाई को टावल भेंट किया।

समाज के लोगों ने कानून की जानकारी नहीं होने के अभाव में इस तरह का कदम उठा लिया था। मौके पर पहुंच कर उनसे समझाइश करने पर उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया और बालिका को घर के अंदर प्रवेश करवा दिया। एेसे फैसले नहीं करने के लिए उन्हें पाबंद भी किया गया।
- भावना सिंह, तहसीलदार हिंडोली