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ROB On Kota-Chittorgarh Railway Line: कोटा चित्तौड़ रेलवे लाइन के गेट संख्या 45 पर आरओबी निर्माण कार्य की स्वीकृत होने के बाद में ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। इस मामले को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उक्त रेलवे लाइन की फाटक पर आरओबी बनाने की मांग की थी।हाल ही में 34 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से आरओबी की घोषणा की गई है।
कुछ वर्षों पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 52 से राता बरड़ा तक 10 किलोमीटर की बायपास का निर्माण कार्य करवाया गया था। बूंदी शहर में नैनवा रोड भारी वाहन के दबाव से लगातार शहर में जाम से निजात पाने के लिए उक्त बायपास का निर्माण कार्य करवाया गया था। उसके बाद में रेलवे के गेट संख्या 45 पर लगातार वाहनों का जमावड़ा फाटक बंद होने के बाद लगा रहता था।
कई बार तो यहां पर आधे घंटे तक आधे तिरछे वाहनों के फंसने के बाद में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। उक्त मार्ग पर ही कृषि उपज मंडी होने के चलते यहां पर भी रोजाना सैकड़ो ट्रैक्टर ट्राॅलियां व अन्य वाहन माल परिवहन के लिए निकलते है। ऐसे में यहां पर हालात लगातार विकट होते जा रहे थे।
पत्रिका द्वारा लगातार उक्त मामले को कई बार उजागर करने के बाद में रेलवे के उच्च अधिकारियों द्वारा यहां पर प्रस्ताव तैयार करके आरओबी का निर्माण कार्य करवाए जाने की पहल की गई। हाल ही में वित्तिय स्वीकृति जारी होने के बाद में अब वाहन चालकों को परेशानी नहीं होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर हाल ही में हाई कोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेश ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना वाले स्थानों पर रोशनी रखने, संकेतक लगाने वाहन चालकों की सुरक्षा की दृष्टि को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद में प्राधिकरण हरकत में आया।
रामगंजबालाजी तिराहे पर 3 साल पूर्व से बंद पड़ी हाई मास्ट लाइट की अब सुध ली है। यहां हाई मास्ट लाइट का ट्रांसफार्मर चोरी हो जाने के बाद में 3 वर्ष तक प्राधिकरण द्वारा ट्रांसफार्मर नहीं लगवाया गया। हाई कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के बाद में अब प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी हरकत में आए और बंद पड़ी लाइट को चालू करवाया।
भले ही हाई कोर्ट द्वारा दुर्घटनाग्रस्त वाले क्षेत्रों में लाइट जलाने के आदेश जारी करते हुए, लेकिन प्राधिकरण के कर्मचारियों की लापरवाही अभी भी खुलकर सामने आ रही है। नमाना रोड ओवर ब्रिज पर लग रही लाइटों में से कई लाइट अधूरी जलती है। ऐसे में रात्रि के समय यहां पर संपर्क सड़कों से गांव में जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर तुड़ी से भरे ट्रैक्टर ट्राली रात को खड़े हो जाने के बाद में आए दिन दुर्घटनाएं घटित होने का सिलसिला जारी है।
Published on:
27 Apr 2026 01:27 pm
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