
पहली बरसात में खुली घटिया निर्माण की पोल
केशवरायपाटन. बूंदी. बायीं मुख्य नहर के नाले से पुलिस थाने तक गौरव पथ निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की पोल पहली बरसात में ही खुल गई। शुक्रवार को हुई बरसात से गौरव पथ का नाला जगह-जगह से ढ़ह गया। जबकि गौरव पथ का निर्माण सार्वजनिक निर्माण विभाग की देखरेख में हो रहा है।
इसके बावजूद निर्माण कार्य में अनदेखी बरती जा रही है। बीते एक वर्ष से उक्त निर्माण कार्य चल रहा है, जो अभी तक पूरा भी नहीं हुआ। इससे पहले ही लगातार हुई बरसात में निर्माण की गुणवत्ता की सच्चाई लोगों के सामने आ गई। गणेश वाटिका से आगे बना नाला पानी में ढ़ह गया।
लोगों ने बताया कि चंबल की मिट्टी युक्त बजरी व कम सीमेंट से निर्माण हुआ है। यहां हुए घटिया निर्माण पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। पूर्व में भी निर्माण के बाद नाले का कुछ हिस्सा ढह गया था। जिसका भी दुबारा निर्माण किया गया। लेकिन घटिया निर्माण की न तो जांच की जा रही है, और ना ही गुणवत्ता सुधारने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।
उधर गौरव पथ में घटिया निर्माण की जांच की मांग को लेकर पार्षद आशीष बिड़ला ने सार्वजनिक निर्माण मंत्री, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री व जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजा है। जिसमें बताया कि गौरव पथ में पांच करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
जिसमें से ढ़ाई करोड़ रुपए नगर पालिका खर्च कर रही है।
ऐसे में निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सफाई कर्मचारियों की भर्ती को रद्द करो
लाखेरी. वाल्मीकि समाज के लोगों ने सफ ाई कर्मचारियों की भर्ती में कथित धांधली व भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को नगरपालिका व उपखण्ड कार्यालय पर प्रदर्शन कर भर्ती को रद्द करने की मांग की। दोपहर बाद भर्ती से वंचित रहे समाज के महिला पुरुष महेश चौक से नारेबाजी करते हुए नगरपालिका पहुंचे।
वहां पर जोरदार नारेबाजी करते हुए पालिका प्रशासन द्वारा आवेदन पत्रों की जांच के दौरान अधिंकाश फ ार्म रद्द करने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। बाद में उपखण्ड कार्यालय में उपखण्ड अधिकारी गरिमा लाटा को ज्ञापन सौंपकर बताया कि सफ ाई कर्मचारियों की लॉटरी में पालिका प्रशासन ने धांधली की है। भर्ती को रद्द कर दुबारा लॉटरी निकाली जाए।
Published on:
21 Jul 2018 03:35 pm
