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उड़द का बकाया 48 करोड़ चुकाओ, नहीं तो प्रशासन को घेरेंगे

बंूदी. जिले के किसानों को उड़द खरीद बंद होने के दो माह बाद भी भुगतान नहीं मिलने के मामले में बुधवार को
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Oracle owes Rs 48 crore, otherwise the administration will surround

बंूदी. जिले के किसानों को उड़द खरीद बंद होने के दो माह बाद भी भुगतान नहीं मिलने के मामले में बुधवार को हिण्डोली विधायक अशोक चांदना के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलक्ट्रेट पहुंचे।
विधायक चांदना व कांगे्रस जिलाध्यक्ष सीएल प्रेमी ने अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर किसानों की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि समर्थन मूल्य पर 10 अक्टूबर 2017 से उड़द खरीद शुरू हुई थी, जो 26 जनवरी 2018 तक की गई। खरीद बंद होने के दो माह बाद भी 5399 किसानों के 48 करोड़ 85 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया गया। जिससे किसानों को आर्थिक पीड़ा सहन करनी पड़ रही है। प्रशासन इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। ज्ञापन में हिण्डोली विधानसभा क्षेत्र के नैनवां व हिण्डोली में चना समर्थन मूल्य खरीद केंद्र व दबलाला में गेहूं खरीद केंद्र शुरू करवाने की मांग की। चांदना ने कहा कि यदि प्रशासन ने किसानों को उड़द का बकाया भुगतान 1 अप्रेल तक नहीं किया तो 2 अप्रेल को जिला प्रशासन का अनिश्चितकाल के लिए घेराव किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रमुख सोनिया गुर्जर, हिण्डोली प्रधान ममता गुर्जर, नैनवां प्रधान प्रसन्न बाईमीणा, पार्षद टीकम जैन, मनोज मीणा, जिला परिषद सदस्य रामाअवतार शर्मा, महेश दाधीच, सरपंच संघ अध्यक्ष कुलदीप सिंह व जितेंद्र शर्मा सहित कई लोग मौजूद थे।
कृषि मंत्री कर रहे हिण्डोली व नैनवां की अनदेखी
हिण्डोली व नैनवां में समर्थन मूल्य पर चने व सरसों खरीद के कांटे नहीं लगाए। जबकि कृषि मंत्री इस विधानसभा से पूर्व विधायक रहे हैं। इसके बाद भी यहां के किसानों की अनदेखी की है। यह बात बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में हिण्डोली विधायक अशोक चांदना ने कही। चांदना ने कहा कि सरकार ने बजट घोषणा में पचास हजार ऋण माफी का ऐलान कर दिया, लेकिन अभी तक कोई गाइड लाइन नहीं भेजी गई है। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री किसानों को धोखा दे रहे हैं। इन चार सालों में किसानों की आय बढ़ाने के बजाए उन्हें 15-15 लाख रुपए का घाटा दे दिया। जीएसटी के बाद देश का व्यापारी आत्महत्या करने पर मजबूर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार में पूरा सरकारी सिस्टम चरमराया हुआ है। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, आमजन की सुनवाई नहीं हो रही है। हिण्डोली नैनवां में पेयजल संकट गहरा गया है, फिर भी सरकार ध्यान नहीं दे रही है।