
बूंदी.छोटी काशी में नये साल की शुरूआत के साथ ही उपजे विवाद की लपटे आज भी कायम है। तीन महिने से अन्दर ही अन्दर गर्माए विवाद रामनवमी पर देखने को मिला जब शोभायात्रा मेंं पत्थरबरसे और घायल अस्पताल पहुंच गए। इसी मामले को लेकर बूंदी में रामनवमी की शोभायात्रा पर पत्थर फेंकने के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी बूंदी के बाजार पूरी तरह बंद हैं।
यहां सुबह से ही दुकानें नहीं खुली। जिले के नैनवां, हिण्डोली, केशवरायपाटन कस्बे भी आज बंद हैं। विहिप, बजरंगदल और अन्य संगठनों ने सोमवार को इस बंद का आह्वान किया था। बंद को बूंदी के व्यापार महासंघ ने भी समर्थन किया है। बंद करा रहे लोग शोभायात्रा पर पत्थर फेंकने वाले शरारती लोगों की गिरफ्तारी करने और सोमवार को बाजार बंद कराने के दौरान पकड़े गए लोगों को छोडऩे की मांग कर रहे हैं।
हालांकि आज बाजार में कोई बंद कराने नहीं पहुंचा। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में आज बाजार स्वत:स्र्फूत बंद हैं। इधर, लगातार दो दिन के बंद के कारण कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से खरीदारी करने आ रहे लोगों को परेशानी हो रही है। बूंदी भ्रमण पर आए देशी-विदेशी पर्यटक खासे परेशान हैं। बूंदी की कृषि उपज मंडी में खरीद बंद करने से जिंस बेचने आए सैकड़ों किसान परेशान हैं।
दिहाड़ी मजदूरों को आज दूसरे दिन भी रोजगार नहीं मिल पाया है। पुलिस और प्रशासन इस मामले में फिलहाल कोई निर्णय नहीं ले पाया है। जो गिरफ्तारियां हुई है उसे लेकर भी पुलिस के आला अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक करीब 17 जनों की गिरफ्तारी की है।
Published on:
27 Mar 2018, 12:02 PM IST
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