
The lanterns shown to the blind government by the farmers in the day
बूंदी. सीएडी प्रशासन जानबूझकर किसानों को पानी नहीं दे रहा है, पानी के बिना गेहूं की फसल सूखने वाली है, बार-बार पानी मांग रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। किसानों की यह पीड़ा सोमवार को गुस्सा बनकर फूट पड़ी। बूंदी ब्रांच के अंतिम छोर के गांवों के ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बैठकर बूंदी सीएडी कार्यालय पहुंचे। जहां पर किसान हाथों में जूते की माला लेकर अभियंता को पहनाने के लिए कार्यालय की ओर दौड़ पड़े। इस दौरान पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया,
उन्होंने किसानों को सीएडी कार्यालय के दरवाजे पर रोक दिया। किसानों ने कहा कि जानबूझकर पानी नहीं दे रहे हैं, ऐसे अभियंता को जूते की माला पहनाकर रहेंगे। बाद में सदर थानाधिकारी अभिषेक पारीक की समझाइश पर किसान जिला कलक्टर को समस्या बताने पर राजी हुए। किसान सीएडी अभियंता का पुतला लेकर जुलूस के रूप में कलक्टे्रट की ओर रवाना हुए। कलक्टे्रट के छापरदा, हनोतिया, बीचड़ी, ख्यावदा, छावनी व भाटों का खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने सीएडी अभियंता का पुतला जलाकर विरोध जताया। इसके बाद कलक्टे्रट में भीतर पहुंचकर किसानों ने जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन देकर सीएडी अभियंता को निलंबित करने व टेल क्षेत्र में तत्काल पानी देने की मांग की।
सूख रही फसल
ख्यावदा सरपंच महेंद्र डोई के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने बताया कि सरकार अंधी है, जो किसानों की पीड़ा नहीं समझ रही है। गेहूं, जौ व चने की फसलें ८५ से ९० दिन की हो चुकी है। इन फसलों को अब तक एक ही पानी मिला है। जबकि फसल को तीन पानी मिलने चाहिए थे। किसान बार-बार पानी की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई नहीं देख रहा। ऐसे में अंधी सरकार को लालटेन जलाकर किसानों की पीड़ा दिखा रहे हैं। कलक्टे्रट में किसानों के साथ आई महिलाएं सूखी हुई फसलें भी प्रशासन को दिखा रही थी। किसानों ने कहा कि जल्द ही वंचित इलाकों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
Published on:
29 Jan 2018 11:12 pm
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