बूंदी। आसमान से गिरती फुहारें और झरनों
का तेज बहाव। बांधों की फाल से गिरते पानी ने रविवार की छुट्टी का मजा दोगुना कर
दिया। सुहाने मौसम के बीच जिले के अधिकतर पर्यटन स्थल देर शाम तक सैलानियों से अटे
रहे। बड़ी संख्या में लोग इन जगहों पर पिकनिक मनाने पहुंचे।
कोई झील के
किनारे बैठकर हो-हल्ला करते दिखाई दिया तो महिलाएं पिकनिक स्थलों पर परिवारजनों के
लिए भोजन बनाने में व्यस्त नजर आई। हालांकि दोपहर को हुई तेज बारिश के बाद कुछ
जगहों पर लोगों को असुविधा भी हुई। बीच में आने वाले खालों का बहाव तेज होने की
जानकारी पर चौपहिया वाहनों से पिकनिक मनाने पहुंचे लोगों ने जल्द सामान समेट लिए।
सर्वाधिक भीड़ तालेड़ा के निकट बरधा बांध, हिण्डोली क्षेत्र के रामेश्वरम् और
बूंदी-भीलवाड़ा की सीमा पर स्थित भीमलत झरने पर रही। दोनों ही जगहों पर दोपहर तक
सैकड़ों की तादाद में लोग जुटे हुए थे।
बढ़ते वैग ने बढ़ाई चिंता
बरधा बांधा
और भीमलत बांध पर पानी के बढ़ने वैग ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। बरधा बांध पर दोपहर
बाद साढ़े तीन फीट की चादर शुरू होने के बाद लोग किनारों पर हो गए। पास ही
देवडूंगरी के नाले में उफान के बाद लोग फंस गए। यही हाल भीमलत झरने में रहे।
भीलवाड़ा जिले की सीमा में हुई तेज बारिश के बाद झरने ने विकराल रूप ले लिया।
आस-पास की नदियों और नालों का बहाव तेज हो गया। नीमका खेड़ा नदी में आवक बढ़ने से
बूंदी की ओर आने वाले लोगों को नदी के किनारों पर बैठकर पानी कम होने का इंतजार
करना पड़ा।
कुंड में लगाई डुबकियां
सथूर स्थित सिन्धकेश्वर, झर महादेव और
तालेड़ा के निकट तीनधारा महादेव मंदिर पर भी पर्यटकों का मेला रहा। सिंधकेश्वर व
झरमहादेव के कुंड में आए पानी में लोग नहाने का लुत्फ उठाते रहे।
सड़क खराब, जाम
में फंसे रहे
बरधा बांध तक जाने वाली सड़क के जर्जर होने से रविवार को यहां आए
लोग खासे परेशान दिखाई पड़े। बीच-बीच में हो रहे गड्ढों में वाहन फंस गए। इसके चलते
दोपहर बाद जाम के हाल बने रहे। लोगों ने बताया कि यहां सड़क से डामर गायब हो
चुका।
खूब छलके जाम
पिकनिक स्थलों पर शराब का खुलेआम उपयोग हुआ। न कोई रोकने
वाला दिखा और न ही कोई पाबन्दी का असर। बरधा बांध पर मौजूद लोगों ने बताया कि यहां
कुछ युवक खुलेआम शराब बेच रहे थे। हाइवे किनारे भी युवकों की टोलियां बिना कोई डर
शराब पी रही थी।