
Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा में पेश होते ही शहर में हलचल मच गई है। भोपाल के बाद प्रदेश में सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां बुरहानपुर में हैं, जिनकी संख्या 3,000 हेक्टेयर से अधिक है। मस्जिद, दरगाह और कब्रस्तान कमेटियों पर सीधा असर पड़ने के कारण समर्थन और विरोध की लहर तेज हो गई है।
केंद्र सरकार ने बिल पेश करने से पहले ही वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण का आदेश दिया, जिसे प्रशासन ने तुरंत अमल में लाना शुरू कर दिया। सरकार का दावा है कि यह कानून वक्फ संपत्तियों के सशक्तिकरण, दक्षता और विकास के लिए लाया गया है। अब केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड में प्रशासनिक अफसरों को भी अधिकार मिलेंगे, जिससे निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकार के इस कदम से असहमति जताते हुए कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप है कि सरकार धार्मिक स्थलों पर गैर-मुस्लिमों को बैठाने की साजिश कर रही है। अधिवक्ता एवं AIMIM जिलाध्यक्ष जहीरुद्दीन शेख ने कहा कि 'सरकार अगर सच में पारदर्शिता चाहती है, तो अन्य धर्मों के ट्रस्ट में भी मुस्लिमों को स्थान दे।'अधिवक्ता मो. उजैर अंसारी ने कहा कि यह बिल मुस्लिम समाज के खिलाफ है। जो संशोधन मुस्लिमों की तरफ से सुझाए गए थे, उन्हें जेपीसी ने खारिज कर दिया।'
भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने विरोध को खारिज करते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों को यह बिल रास नहीं आ रहा। उन्होंने कहा, 'यह बिल मुस्लिम समाज के हित में है। इससे संपत्तियों की आमदनी में पारदर्शिता आएगी और उसका सही उपयोग होगा।' अधिवक्ता शाकीर अहमद ने इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि 'संपत्तियों का सर्वे होने से कब्जाधारी बेनकाब होंगे। हर साल ऑडिट होगा, जिससे आय का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।'
Published on:
03 Apr 2025 01:27 pm
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