
Accused of killing brother, life imprisonment and fine of 2 thousand
बचाव पक्ष की ओर से आरोपी के अधिवक्ता ने यह तर्क दिया कि मृतक केवलराम जीप से उतारते समय गिर गया था जिसके कारण उसे सर पर चोट आई थी। प्रकरण में अन्य गवाहों ने घटना का प्रत्यक्ष रूप से समर्थन नहीं किया लेकिन घटना के दो साक्षी मृतक की पत्नी और उसकी 12 वर्षीय पुत्री की दवाई को अदालत ने मानते हुए आरोपी को लकड़ी मारकर चोट पहुंचाने से मृत्यु हो जाना प्रमाणिक पाते हुए उसे हत्या के अपराध का दोषी पाया। जिस पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बुरहानपुर. भाई की हत्या करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार गुप्ता की अदालत ने आजीवन कारावास और 2 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अतिरिक्त लोक अभियोजक सोहेल हुसैन ने बताया कि थाना खकनार क्षेत्र अंतर्गत 28 जनवरी 2019 को ग्राम डवाली रैयत में आरोपी आसाराम पिता महकाल ने अपने भाई केवल राम को जमीन विवाद को लेकर विवाद होने पर उसके सर पर लकड़ी से दो बार वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जहां तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई थी।
घटना की साक्षी उसकी पत्नी सुनीता बाई और उसकी 12 वर्षीय पुत्री ने न्यायालय में आरोपी द्वारा लकड़ी से मारकर घायल करने का कथन किया था। घटना के बाद तीसरे दिन आरोपी की घर में मृत्यु हो गई थी जिसकी सूचना पुलिस को मृतक की पत्नी सुनीता बाई ने दी थी। न्यायालय में डॉक्टर द्वारा सर पर चोट होने के कारण ब्रेन हेमरेज और उसके संवेदनशील हिस्सों पर चोटे पाते हुए उसकी मृत्यु होना बताया था। बचाव पक्ष की ओर से आरोपी के अधिवक्ता ने यह तर्क दिया कि मृतक केवलराम जीप से उतारते समय गिर गया था जिसके कारण उसे सर पर चोट आई थी। प्रकरण में अन्य गवाहों ने घटना का प्रत्यक्ष रूप से समर्थन नहीं किया लेकिन घटना के दो साक्षी मृतक की पत्नी और उसकी 12 वर्षीय पुत्री की दवाई को अदालत ने मानते हुए आरोपी को लकड़ी मारकर चोट पहुंचाने से मृत्यु हो जाना प्रमाणिक पाते हुए उसे हत्या के अपराध का दोषी पाया। जिस पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
Published on:
19 Mar 2020 06:02 am
