4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

10 साल बाद मकानों का आवांटन, पानी की सुविधा ना बिजली की व्यवस्था

- ड्रॉ खुलने के बाद नाराज हुए लोग - मन लायक क्षेत्र में भी नहीं मिला मकान
3 min read
Google source verification
After 10 years, allotment of houses, water facilities and no electric

After 10 years, allotment of houses, water facilities and no electric

बुरहानपुर. नगर निगम कार्यालय में गुरुवार को एकीकृत आवास योजना में १० साल पहले बनाए गए मकानों का दूसरे चरण का आवंटन अब हुआ। इसमें भी नेहरू नगर के ९८ और सुंदर नगर के 60 मकानों के लिए केवल ३७ के ड्रॉ खोले गए, बाकी मकान अब भी खाली पड़े हैं। निगम ने मकान तो अलॉट कर दिए, लेकिन यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। पानी, सड़क, बिजली की व्यवस्था किए बगैर ही मकान का आवंटन कर दिया। पहले भी जिन लोगों को मकान दिए वे भी अब तक सुविधाओं को तरस रहे हैं। अब भी जिन लोगों को मकान आवंटित किए गए उसमें कई तो सुंदर नगर में मकान की मांग कर रहे।
सुबह 11 बजे से निगम एमआइसी हॉल में मकान आवंटन की प्रक्रिया शुरू की। निगम आयुक्त भगवानदास भूमरकर की मौजूदगी में १५८ मकानों में से 37 मकानों का आंवटन लॉटरी ड्रॉ के माध्यम से किया गया।बता दे कि यूपीए सरकार के समय 10 साल पहले एकीकृत आवास एवं मलीन बस्ती विकास कार्यक्रम के तहत 216मकान तैयार किए गए थे। नगर निगम की लेटलतीफी के कारण अब मकानों के दाम दोगुने हो गए। अब मकानों की कीमत 2 लाख 7६ हजार से अधिक हो गई है। 55 हजार रुपए पहले ही निगम ने जमा करा रही है। वर्तमान में एक मकान 3 लाख 76 हजार रूपए का है। इसमें शासन की ओर से एक लाख से अधिक का अनुदान मिल रहा है। 2 लाख से अधिक की राशि के लिए निगम बैंकों से फायनेंस कराकर मकान लोगों को देगी।
दूसरे चरण के लिए ४ साल बाद अब बुलाए आवेदन
गरीबों को आवास आवंटन करने के लिए चार साल से प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2014 में निगम ने फार्म बुलाकर गरीबों से 15-15 हजार रुपए लिए थे, लेकिन आवंटन नहीं हुआ था। २०१७ में पहले चरण में 281 आवेदन निगम में जमा हुए, लेकिन 131 ने ही रुपए जमा कराने पर निगम ने मकान आवंटित किए थे। अब भी लोग निगम से सुविधा देने की मांग कर रहे हैं। 4 साल बाद गुरुवार को दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो 158 मकानों के लिए ३७ लोगों ने आवेदन किए। लेकिन अब भी १२१ मकान आवंटन के लिए बाकी है। निगम अधिकारी अब तीसरे चरण के लिए हितग्रहियों के आवेदन बुलाने की बात कह रहे हैं।

यह है मकानों के हाल
नेहरू नगर और सुंदर नगर में आवास आवंटन के पहले ही कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इन्हें हटाना निगम के लिए चुनौती होगा। कई मकानों के दरवाजे और खिड़कियां तक टूट गई है। नेहरू नगर में लोगों ने अपने घरों का सामान भर कब्जा किया है तो कुछ परिवार सहित रह रहे हैं। यहां बिजली, पानी की व्यवस्था नहीं है। कमानों के टाइल्स उखाड़कर ले गए हैं। मकानों की छतों पर रखी प्लास्टिक की पानी की टंकी गायब है। सुरक्षा के लिए यहां चौकीदार भी नहीं है। १० साल पुराने आवास अब देखने पर रहने लायक भी नहीं दिखाई देते। निगम ने अब आवास आवंटन तो कर दिए लेकिन यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई व अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं है। ऐसे में बिना सुविधा के लोग यहां रहने नहीं आ पाएंगे।

अधिकारी बोले पुलिस बल के साथ जाकर हटाएंगे अवैध कब्जा
आवास योजना के कर्मचारी राजेश बालाजीवाला ने बताया कि हितग्राहियों को कब्जा देने के पहले सभी प्रक्रिया पूर्ण करेंगे। अगर आवास पर अवैध कब्जा है तो कब्जा करने वालों को हटाएंगे। अगर नहीं हटते हैं तो पुलिस की मदद लेंगे। मकानों पर जिनका अधिकार है। वो लोग ही वहां रहेंगे। मकानों के आसपास बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरे चारण के बाद अब १२१ मकानों के लिए तीसरे चरण के आवेदन बुलाए जाएगे।

बॉक्स
केंद्र और राज्य शासन से 88 फीसदी मिलेगी छूट
मकान की कीमत 3 लाख 46 हजार 400 रुपए है। केंद्र शासन 80 फीसदी यानी 64 हजार और राज्य शासन 8 फीसदी यानी 6400 रुपए नगर निगम को देगा। इनमें से 12 फीसदी यानी 2 लाख 76 हजार 400 रुपए गरीबों को देना होगा। आवास आवंटन करने के पहले हितग्राही से 15 हजार रुपए पंजीयन शुल्क जमा कर मकान आवंटन से पहले 40 हजार रुपए जमा कराए गए। बाकी के 2 लाख से अधिक राशि निगम को अब बैंक से कर्ज लेकर चुकाना होंगी। पात्र व्यक्ति मकान की रजिस्ट्री पर बैंक से लोन के लिए निगम अनुबंध करेगा।