बुरहानपुर. कलेक्टर न्यायालय का फर्जी अनुमति आदेश पत्रबनाकर बैंक से लोन एवं जमीन की रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। नकली दस्तावेज में कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर, न्यायालय की नकली सीलें तक लगी मिली। अनुमति की कॉपी मिलने के बाद जांच की गई तो फर्जीवाड़ा सामने आया। लालबाग पुलिस ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि यह पूरा मामला आदिवासी क्षेत्रखकनार के ग्राम तुकईथड़ का है। भूमि खसरा नंबर 478 /1 रकबा 0.042 हेक्टर पर संचालित होटल शिवहरे की रजिस्ट्री को ए.यु फायनेंस बैंक बुरहानपुर द्वारा बंधक रखकर 27 लाख का लोन जारी कर दिया गया।जबकि आदिवासी क्षेत्रहोने से भूमि बंधक रखने से लेकर अन्य कार्य के लिए तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर न्यायालय की अनुमति लेना अनिवार्य है।शासकीय प्रक्रिया में समय लगने के कारण आरोपी ने एजेंट के साथ मिलकर नकली दस्तावेज बना लिए।अनुमति आदेश की कॉपी में कलेक्टर की फर्जी हस्ताक्षर, सभी सीलें नकली मिली।प्रकरण में आरोपी सीमा पति भगवानदास शिवहरे पर धारा 420,467,468,471 का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे हुआ फर्जीवाडे का खुलासा
कलेक्टर के नाम एक शिकायत मिली।जिसमें नकली अनुमति आदेश पत्र लगाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात कही गई।उप पंजीयक कार्यालय से रजिस्ट्री के संबंध में दस्तावेज बुलाकर प्रधान प्रतिलिपिकार ने जांच की तो दस्तावेज फर्जी निकले। न्यायालय कलेक्टर की अनुमति पत्र का मिलान किया तो कलेक्टर हस्ताक्षर सहित सीलें भी नकली पाई गई।डिप्टी कलेक्टर को जांच देने के बाद पूरी दस्तावेज खंगाले गए तो पता चला अनुमति के संबंध में आदेश जारी ही नहीं हुए। फर्जीआदेश से बैंक से लोन जारी हो गया।पत्र में लगी तहसीलदार, एसडीएम सहित कलेक्टर की समस्त सीले प्रमाणित प्रतिलिपी की सील, गोल सील एवं कैंसिल की सील समस्त सीलें, अफसरों के हस्ताक्षर भी फर्जी मिले।