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स्कूलों में धूल खा रहे कम्प्यूटर फिर से होंगे शुरू, प्रधानपाठकों से मांगी जानकारी

- हेड स्टार्ट, स्मार्ट क्लास योजना
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 Computers running dust in schools will be started again, information sought from classmates

Computers running dust in schools will be started again, information sought from classmates

बुरहानपुर. शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक पढ़ाई कराने के लिए शुरू की गई हेड स्टार्ट और स्मार्ट क्लास योजना पर फिर से अमल किया जाएगा। स्कूलों में धूल खा रहे योजना के कम्प्यूटरों को चालू करने के लिए प्रधानपाठकों से जानकारी मांगी गई है। नए सत्र में बच्चों को पढ़ाई के साथ कम्प्यूटर का ज्ञान भी दिया जाएगा।
बीआरसी राजकुमार मंडलोई ने बताया कि ३२ स्कूलों में हेड स्टार्ट और २५ स्कूलों में स्मार्ट क्लासे संचालित है। यहां पर शासन की ओर से विद्यार्थियों को कम्प्यूटर का ज्ञान देने के लिए लाखों रुपए के कम्प्यूटर, लेपटॉप सहित अन्य संसाधन दिए गए हैं। दोनों की योजनाओं में कुछ खामियां के कारण कई स्कूलों में कम्प्यूटर चालू नहीं है। नए शिक्षा सत्र में विद्याथियों को कम्प्यूटर का ज्ञान मिले इसलिए राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देश पर गुरुवार को बीआरसी कार्यालय में ५७ स्कूलों के प्रधानपाठकों की बैठक लेकर स्कूलों में संचालित की जा रही योजनाओं की खाामियों पर समीक्षा की गई है। सबसे बड़ी समस्या स्कूल में बिजली नहीं होना या बिजली बिल अधिक आना बताया गया है। प्रधानपाठकों की बैठक में मिले सुझाव और खामियों का एक पत्र बनाकर राज्य शिक्षा केंद्र और वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
पूरा नहीं हो रहा योजना का उद्देश्य
राज्य शिक्षा केंद्र ने बच्चों को कम्प्यूटर शिक्षा देने के उद्देश्य से हेड स्टार्ट और स्मार्ट क्लास योजना शुरू की थी। स्कूलों में हेड स्टार्ट केंद्रों में कम्प्यूटर सिस्टम खराब पड़े हैं। हालात यह हैं कि ऐेसे स्कूलों में भी हेड स्टार्ट केंद्र बना दिए गए, जहां बिजली और कम्प्यूटर के शिक्षक भी नहीं थे। ऐसे में योजना बंद पड़ी है। वर्ष 2002 में हेड स्टार्ट योजना शुरू की गई थी। चयनित केंद्रों पर 3 कम्प्यूटर, 3 डिजिटल डाटा बेस प्रिंटर, यूपीएस सहित अन्य सामान उपलब्ध कराया गया था। देखरेख के अभाव के कारण लाखों के कम्प्यूटर अन्य उपकरण बंद कमरों में धूल खा कर कबाड़ा हो गए।