
Here Rose Day is made with the patients, seeing the colorful flowers brings a smile on the face of the sick patient
बुरहानपुर. वैलेंटाइन डे के सात दिन पहले आता है रोज डे, जो प्यार का प्रतीक होता है। लेकिन जरूरी नहीं की यह रोज-डे पति-पत्नी या युवक-युवती के बीच ही बनता हो, बुरहानपुर में एक ऐसा भी अस्पताल है यहां हर रोज रोस डे बनता है, जो अहसास कराता है अस्पताल में डॉक्टर, स्टॉफ और मरीजों के बीच प्रेम और स्नेह के भाव को। यहां गंभीर हो या सामान्य मरीज के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने के लिए स्टॉफ प्रतिदिन सुबह शाम उन्हें गुलाब के फूल देता है, ताकि मरीज की चिंता दूर हो जाए।
यह अस्पताल है बुरहानपुर के रेणुका माता मंदिर रोडपर बने ऑल इज वेल। जहां मरीज और उनके परिजनों की चिंता दूर करने के लिए गुलाब का फूल दे रहा है। जब सुबह स्टॉफ नर्स मरीज के पास मुस्कुराते हुए फूल मरीज को देते ही तो मरीज के चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है। ऐसे एक या दो मरीज को नहीं बल्कि अस्पताल में भर्तीसभी मरीजों को और खास तौर पर अस्पताल से छुट्टी होकर जा रहे मरीज को भी यह फूल दिए जाते हैं। गुरुवार सुबह अस्पताल में ार्तीमलकापुर की फातेमा बी को फूल दिया गया।
अस्पताल के सामने ही बनाया फूलों का उद्यान
अस्पताल के सामने ही परिसर में गुलाब के फूलों का उद्यान बनाया है। यह भी डेढ़ एकड़ में फैला है, यहां पर हर रंग के गुलाब खिलते हैं, रंगी बिरंगी यह गुलाब मरीज को देकर उन्हें यह भावना भेजी जाती है, की आप जल्द ठीक हो जाए।
यहां फिल्मी डायलॉग पर ही चलता है काम
थ्री इडियट फिल्म का नाम सामने आते ही अमीर खान का ऑल इज वेल वाला डायलॉग जुबान पर आ जाता है। यही डायलॉग अब अस्पताल के डॉक्टर, स्टॉफ के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। यहां के अस्पताल की खासियत यह ैहै कि जब आपस में स्टॉफमिलता है, तो सबसे पहले ऑल इज वेल कहकर एक दूसरे का अभिवादन करते हैं।
ऐसा बना है अस्पताल
अस्पताल के प्रमुख आनंद चौकसे ने बताया कि ऑल इज वेल प्राइवेट अस्पताल में नंबर एक अस्पताल है। ११ ऑपरेशन थिएटर यहां बने हैं और ३६० बेडका यह अस्पताल है। मरीज को सुबह शाम यहां गुलाब के फूल दिए जाते हैं। हम उसे अच्छी भावना भेजते हैं की वह जल्द ठीक हो जाए।
Updated on:
14 Feb 2020 12:34 pm
Published on:
14 Feb 2020 06:01 am
