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ज्योतिरादित्य सिंधिया यूथ फोरम बोला जहां महाराज वहां हम

बुरहानपुर में भी दिखा सिंधिया के दल बदलने का असरप्रदेश की राजनीतिक हलचल में बुरहानपुर विधायक की भी मुख्य भूमिका
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MLA surendra singh

बुरहानपुर विधायक सुरेंद्रसिंह कमलनाथ खेमे में।

बुरहानपुर. प्रदेश में गरमाई राजनीतिक का असर बुरहानपुर में भी देखने को मिला। यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया यूथ फोरम के प्रदेश अध्यक्ष ने ऐलान किया है कि जहां हमारे महाराज रहेंगे हम उनके साथ रहेंगे। इस निर्णय के बाद कांग्रेस में भी हलचल मची। हालांकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि हमारे तक किसी का कोई इस्तीफा नहीं आया। कहा कि कांग्रेस के प्रति जिसकी विचारधरा है वे कांग्रेस में रहेंगे, जो गद्दार है वह जाएंगे।

बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद उनके समर्थक प्रदेशभर में कांग्रेस से इस्तीफे देने की खबर आई। इसी बीच बुरहानपुर में बने ज्योतिरादित्य सिंधिया यूथ फोरम ने भी श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जाने का फैसला लिया।

18 साल से बुरहानपुर में सिंधिया फोरम
बुरहानपुर में 18 साल से ज्योतिरादित्य सिंधिया यूथ फोरम बना हुआ है। जो सक्रिय रूप से काम कर रहा है। वर्तमान में यूथ फोरम के प्रदेश अध्यक्ष पवन राजे ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जो फैसला लिया, हम उनके साथ है, जहां हमारे महाराज वहां हम। कहा कि बुरहानपुर में 150 कार्यकर्ता सिंधिया के साथ जाएंगे। जबकि प्रदेश में 2 हजार कार्यकर्ता यूथ फोरम में है, जो महाराज के साथ रहेंगे।

और इधर कमलनाथ के साथ है शेरा
प्रदेश में राजनीतिक हलचल मचने के बाद से ही बुरहानपुर भी सुर्खियों में है। यहां से जीते निर्दलीय विधायक सुरेंद्रसिंह उर्फ शेरा ने कमलनाथ सरकार को समर्थन दिया है। लेकिन जो घटनाक्रम मचा है उसमें सरकार की नजर सुरेंद्रङ्क्षसह पर है। लगातार सुरेंद्रसिंह बुरहानपुर से भोपाल, दिल्ली तो कभी बैंगलुरु तक पहुंचे। बता दे कि सुरेंद्रसिंह सिंधिया के खासे करीबी भी है। सिंधिया के पार्टी बदलने के बाद शेरा पर सभी की नजर थीं, लेकिन वे कमलनाथ के साथ है।

कांग्रेस अध्यक्ष बोले किसी का इस्तीफा नहीं
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय रघुवंशी ने कहा कि जो व्यक्तिगत रूप से जो व्यक्ति विशेष के लोग है वह कही भी जा सकते हैं। जिसकी विचारधरा कांग्रेस की जो देश के संविधान के साथ है वह कांग्रेस में रहेगा। कांग्रेस के प्रति जिन्होंने मेहनत की है। जिसकी कांग्रेस के प्रति विचार धारा है वे कांग्रेस में रहेंगे, जो गद्दार है वह जाएंगे, किसी का कोई इस्तीफा नहीं है। कांग्रेस में कोई इस्तीफा नहीं देगा।