
Mumtaz and Mohabbat are still alive in the soil of Burhanpur
बुरहानपुर. वह मेरे लहू में लाठियां भीगोते हैं और मैं कलम में लगते जिगरभर मोहब्बत लिखता हूं। यह शेर नागपुर यूनिवर्सिटी के जावेद पाशा ने पैगाम ए मोहब्बत और अमन पर आयोजित सेमिनार पढ़ा तो कार्यक्रम स्थल थैलियों से गूंज उठा।
मंगलवार मुमताज बेगम की 391वीं पुण्यतिथि पर आयोजित 51वेंं मुमताज फेस्टिवल का आयोजन किया गया।
मोहम्मदपुरा स्थित मेक्रोविजन एकेडमी में पैगाम ए मोहब्बत और अमन पर सेमिनार हुआ। मुख्य वक्ता के रूप पहुंचे नागपुर यूनिवर्सिटी के जावेद पाशा, आगरा के शायर दिल ताजमहली, सुप्रीम कोर्ट के वकील मुबीन फारुकी, मुंबई की श्रुति भट्टाचार्य, मधु गुप्ता सहित अन्य अतिथियों में मोहब्बत और अमन शांति, भाईचारे पर शेरो शायरी के साथ अपनी बात रखी।
यहां की मिट्टी में जिंदा है मोहब्बत
सेमिनार को संबोधित करते हुए नागपुर यूनिवर्सिटी के जावेद पाशा ने कहा कि आज के दौरे हालात में मोहब्बत का पैगाम देने वाला यह कार्यक्रम रखकर लोगों के दिलों में मुमताज की यादों को जिंदा कर दिया है। यहां की मिट्टी में मुमताज और मोहब्बत दोनों जिंदा है। भारत की तहजीब की बुनियाद ही मोहब्बत है आप मोहब्बत को निकाल कर तहजीब कैसे कह सकते हो। जहां मोहब्बत नहीं वह तहजीब हो ही नहीं सकती। मध्य युग में भारत की संस्कृति ने बड़ा अच्छा रूप लिया। धर्म की दीवारों को तोड़कर हमें मोहब्बत का पैगाम देना है।
रोनक ए हिंदुस्तान अवार्ड से सम्मानित
मुमताज फेस्टिवल के आयोजक शहजादा आसिफ खान गौरी ने कहा कि हम कोई मुगल नहीं है, लेकिन हमारा उद्देश्य शहर के पर्यटन को बढ़ावा देना है। शाहजहां, मुमताज की यादों को ताजा करना है। सेमिनार में पहुंचे अतिथियों एवं गणमान्य लोगों को रोनक ए हिंदुस्तान का अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। सेमीनार में डॉक्टर वासिफ यार के काव्य संग्रह मिट्टी डाल का विमोचन हुआ। शुभारंभ हर्षित सिंह ठाकुर, आदित्य वीर सिंह ठाकुर ने फीता काटकर किया। इस दौरान डॉक्टर वासिफ यार, मॉडल फरहान खान, फिल्म डायरेक्टर तबरेज खान, डॉक्टर जलील उर्रहमान, तनवीर रजा बरकाती मौजूद थे।
Published on:
08 Jun 2022 01:20 pm
बड़ी खबरें
View Allबुरहानपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
