
Rules of recognition changed, now even if you have half an acre of land, classes can be run from 10th to 12th
नेपानगर. स्कूली शिक्षा विभाग ने हाल ही में निजी स्कूलों को दी जाने वाली मान्यता के नियमों में बदलाव किया है। जिसके तहत अब कक्षा पहली से लेकर 12 तक स्कूल का संचालन करने के लिए स्कूल प्रबंधन के पास एक एकड़ जमीन होना अनिवार्य है तो वहीं सिर्फ हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल के लिए सिर्फ आधा एकड़ जमीन जरूरी होगी। जबकि इससे पहले नियम थे कि निजी स्कूलों के पास स्कूल खोलने के लिए एक एकड़ जमीन होना आवश्यक था, चाहे वह स्कूल कक्षा एक से लेकर 6 तक ही क्यों न संचालित हो। इसे अलावा हाईस्कूल और हायर सेकंडरी की मान्यता के लिए लैब होना भी अनिवार्य किया गया है। वहीं नई मान्यता के लिए स्कूल संचालकों को 15 मार्च तक की मोहलत दी गई थी। जो अब खत्म हो गई है। यानी 15 मार्च तक जिन संस्थाओं ने मान्यता के लिए आनलाइन आवेदन किया है उन्हें ही इस शैक्षणिक सत्र के लिए मान्यता मिलेगी।
यह है मान्यता के नए नियम
सत्र 2020.21 तक की मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के पास हाईस्कूल के लिए न्यूनतम 4 हजार वर्गफीट तथा हायर सेकंडरी स्कूल के 56 00 वर्गफीट भूमि होना अनिवार्य है।
हाईस्कूल के पास भूतल 2000 वर्ग फीट, 2000 फीट खुली भूमि, हायर सेकंडरी के लिए 26 00 वर्ग फीट और 3000 खाली भूमि भी होना अनिवार्य है।
प्रत्येक कक्षा, वर्ग संकाय तथा अध्ययन कक्ष अलग अलग होना चाहिए।
प्रत्येक हाईस्कूल में एक सामूहिक प्रयोगशाला होगी। भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा जीव विज्ञान के लिए अलग से प्रयोगशाला होगी।
नवीन मान्यता लेने वाले स्कूलों के पास न्यूनतम 20 कप्यूटर सहित समुिचत कप्यूटर लैब की सुविधा होना भी अनिवार्य होगा। लायब्रेरी में आयु के हिसाब से विद्यार्थियों के लिए किताबें रखना जरूरी होगा।
नवीन मान्यता लेने वाली स्कूलों के पास बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कबड्डी, खोखो, वॉलीबाल, बॉस्केटबाल का खेल मैदान होना जरूरी होगा।
दो बोर्ड से मान्यता प्राप्त कर स्कूल संचालित करने पर एमपी बोर्ड की मान्यता स्वतरू ही समाप्त हो जाएगी।
Published on:
17 Mar 2020 06:02 am
