
Six hours later on the highway, the death of RPF jawan
- मामा के घर शाहपुर जा रहा था जवान
बुरहानपुर. इंदौर इच्छापुर हाईवे पर दुर्घटना में तीन युवकों की मौत को छह घंटे भी नहीं बीते और एक दर्दनाक हादसा फिर हो गया। रेलवे में आरपीएफ जवान की ट्राले की टक्कर से मौत हो गई। घटना रविवार-सोमवार की रात ३ बजे शिकारपुरा थाने के आगे की है। जहां पुलिस घायल अवस्था में जवान को लेकर अस्पताल पहुंची जहां उसे मृत घोषित किया गया।
बुरहानपुर आरपीएफ में पदस्थ जितेंद्र सेन रविवार को शाम 4 से रात 12 बजे तक ड्यूटी करने के बाद 2.30 बजे के करीब वह बाइक से अपने मामा के घर शाहपुर जा रहा था। तभी शिकारपुरा थाने के पास एक ट्राले ने उन्हें रौंद दिया। घटना स्थल पर पेट्रोलिंग कर रही शिकारपुरा पुलिस पहुंच गई थी। जिसे जिला अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। पुलिस ने उसकी पहचान कर बुरहानपुर में आरपीएफ प्रभारी श्रीप्रकाश यादव को इसकी खबर की। वे अपने स्टॉफ के साथ मौके पर पहुंचे जहां परिजनों को इसकी जानकारी दी गई।
कई अवार्ड मिले थे
श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि जितेंद्र सेन काम की कार्यशैली बहुत बेहतर थी, जो भी काम दो सफलता पूर्वक इसे पूरा करता था। उन्हें मंडल स्तर पर कई बार अवार्ड और प्रशस्ति पत्र मिले हैं। खंडवा निवासी जितेंद्र सेन डब्ल्यूआरसी जबलपुर में पदस्था, जो एक माह पहले ही सेंट्रल रेलवे में ट्रांसफर होने के बाद बुरहानपुर आरपीएफ में जॉइन किया था। सेन का एक लड़का और एक लड़की है।
छह घंटे पहले यह हुआ था बड़ा हादसा
इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर रविवार रात 9.30 बजे रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने तीन दोस्तों की बाइक को ट्राले ने टक्कर मार दी। घटना के बाद दो युवक एक दूसरे को पकड़कर जब नीचे गिरे तो इनके सिर को कुचलता हुआ पहिया निकल गया। जबकि तीसरा दूसरे रोड के साइड में फिकाया जिसकी भी मौत हो गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने भीड़ को तितर बितर कर शवों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां परिजन आते ही रुदान चित्कार मच गई। मौके से ड्राइवर ट्राला लेकर भाग गया। करीब एक घंटे तक हाईवे पर अफरा तफरी रही।
दुर्घटना में शिकारपुरा पानी के टंकी के पास निवासी याकूब पिता मेहमूद (२२), अशफाक ऊर्फ सोनू पिता गफ्फार (२०) और महाराष्ट्र के जलगांव जामोद निवासी सैयद अमीर पिता सैयद अय्यूब (२०) की मौत हुई है। तीनों मजदूरी करते थे। अमीर किसी काम से बुरहानपुर आया हुआ था। रविवार शाम को तीनों दोस्त बाइक से ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जाने के लिए निकले। रास्ते में सामने से आ रहे ट्राले ने टक्कर मार दी। सड़क परी खून से सन गई।
तीन माह पहले हुई थी याकूब की शादी
जानकारी के मुताबिक मृतक याकूब की शादी तीन माह पहले हुई थी। पिता की मौत हो चुकी है। बचपन से मामा के पास रहा है। याकूब का एक छोटा भाई शाहरूख, दो बहने और मां हैं। याकूब मजदूरी कर परिवार के जीवन यापन में मदद कर रहा था। मृतक अशफाक भी साथ में ही काम करता था। सोनू के पिता की मौत हो चुकी है। एक बड़ा भाई अंसार और छोटा भाई इसरार हैं।
वाहनों की लग गई लंबी कतार
दुर्घटना के बाद हाईवे पर शनवारा चौराहा तक वाहन थम गए। मौके पर सैकड़ों लोग होने के कारण जाम लग गया। मौके से शव उठाने के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाया। दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई बाइक और मौका देखने के लिए लोग जमा हो गए थे। इस दौरान कुछ लोगों ने शव उठाने में पुलिस की मदद की।
लोगों ने की शिनाख्त
दुर्घटना के बाद पुलिस के शिनाख्त में जुटे। लोगों से पूछताछ की। कुछ लोगों ने युवकों को पहचानकर पुलिस को जानकारी दी। शिनाख्ती के बाद शिकारपुरा क्षेत्र से लोग अस्पताल पहुंचे। देर रात तक अस्पताल में भीड़ लगी रही। सोमवार सुबह पीएम के बाद शव परिजन को सौंपेंगे। जलगांव जामोद निवासी अमीर के परिजन को दुर्घटना की खबर परिचितों ने दी।
सोचा नही था ऐसी दोस्ती होगी
Published on:
13 Aug 2018 12:43 pm
